Last lunar eclipse of 2020 साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का समय जानें (प्रतीकात्मक इमेज)

Last lunar eclipse of 2020 साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का समय जानें (प्रतीकात्मक इमेज)

Last lunar eclipse of 2020: साल 2020 का आखिरी चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) उपच्छाया ग्रहण होगा. उपच्छाया ग्रहण लगने के चलते सूतककाल मान्य नहीं होगा…

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 22, 2020, 12:24 PM IST

Last lunar eclipse of 2020: साल 2020 का आखिरी चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) 30 नवंबर को है. चंद्रग्रहण के समय पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है. इस स्थिति में पृथ्वी की छाया से चंद्रमा ढंक जाता है. चंद्रग्रहण को खुली आंखों से देखा जा सकता है. चंद्रग्रहण के बाद अगले महीने यानी दिसंबर में 14 तारीख को सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) लगेगा. इन दोनों खगोलीय घटनाओं को भारत के अलावा दुनिया के अन्य देशों में देखा जा सकेगा. इसलिए भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा. हालांकि दुनिया के अन्य हिस्से में चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण लगने से आस्थावान लोग सूतक काल मानकर कोई भी शुभ काम नहीं करते हैं. आइए जानते हैं चंद्र ग्रहण का समय और किन देशों में इसे देखा जा सकेगा…

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चंद्रग्रहण देखने का समय:
चंद्रग्रहण 30 नवंबर को ग्रहण दोपहर 1.04 बजे शुरू होगा और 3.13 बजे इसका मध्यकाल होगा, जबकि शाम 5.22 बजे चंद्रग्रहण समाप्त हो जाएगा.चंद्रग्रहण इन देशों में देखा जा सकेगा:

नवंबर के आखिरी दिन लगने वाले चंद्रग्रहण को एशिया के कुछ देशों के साथ अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी देखा जा सकेगा. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र में भी ये ग्रहण दिखाई देगा.

चंद्रग्रहण उपच्छाया ग्रहण होगा:
बता दें कि साल का यह आखिरी चंद्र ग्रहण दिवाली के ठीक 16 दिन बाद पड़ रहा है. बता दें कि दिवाली अमावस्या के दिन मनाई जाती है और 16 दिन बाद चंद्रग्रहण लगने जा रहा है. खगोलीय विशेषज्ञों के मुताबिक इस साल 2020 में 6 ग्रहण लगने थे. सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण को मिलाकर अब तक चार ग्रहण लग चुके हैं. इस साल 30 नवंबर को लगने वाला चंद्रग्रहण उपच्छाया ग्रहण होगा.

सूतककाल मान्य नहीं:

ज्योतिषविदो का कहना है कि उपच्छाया ग्रहण लगने के चलते सूतककाल मान्य नहीं होगा. ऐसे में भारत में लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह चंद्रग्रहण दिखाई नहीं देगा.

क्या होता है सूतक काल?
ज्योतिविदो के मुताबिक सूर्य या चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतककाल प्रारंभ होता है. इस दौरान आस्थावान लोग कोई शुभ कार्य नहीं करते हैं. ग्रहण समाप्त होने के साथ सूतककाल समाप्त हो जाता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)





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