X

नई उम्मीद ज़रूर मिलेगी

“जब कुछ समझ ना आये,कोई राह ना सूझे ,

सब तरफ अंधेरा लगे तो थोड़ी देर आंखे बंद करके बैठिये।

उम्मीद की किरण/रौशनी हमारे आगे नहीं बल्कि हमारे बिल्कुल पीछे चलती है

बस हमारे पलटकर देखने की भर देरी होती है।

जैसे आंख खोलेंगे और पलटकर देखेंगे कोई ना कोई युक्ति,नया रास्ता,

नई उम्मीद ज़रूर मिलेगी और आपके आगे के सफर को आसान बनायेगी।”

जब बिल्कुल अंधेरे कमरे में होते है तब जैसे थोड़ी देर बाद सब दिखाई देने लगता है।

ठीक ऐसे ही हमारे जीवन का अंधेरा/निराशा भी है।

थोड़ी देर शांत होकर ठहर जाईए सब साफ़ साफ़ दिखाई देने लगेगा,

नई ऊर्जा का संचार होगा और पूरे जोश के साथ आगे के सफर पर चल सकेंगे।

Vinod Kashyap @admin

admin: