हम जैसा सोचते है वैसे ही हो जाते है.

हमने बचपन से नकारात्मक बातो को अधिक ग्रहण  किया है.

इसलिए  नकारात्मक घटनाओ पर हमें जल्दी भरोसा होता है जबकि अच्छी बातो पर शंका होती है.

“किसी को बुरा बताने जाने पर हम तुरंत विश्वास कर लेते है जबकि किसी को अच्छा कहे जाने पर

मन शंकाओ से भर जाता है”दुनिया को देखने और बातो को ग्रहण करने के नजरिये को बदलकर

हम आज भी अपने अन्दर सकारात्मक उर्जा का संचार करने की छमता रखते है.

तो  बदल डालिए अपनी दुनिया को……

The way we think is the same.

We have assumed negative speech from childhood more.

Therefore, we are quick to believe in negative phenomena,

while there is a doubt on the good things.

When we are told to tell a bad person, we immediately believe,

whereas when someone is called good,

the mind is filled with suspicion.

By changing the attitudes of eclipse,

we still have the capacity to communicate positive energy

within ourselves.

So change your world …

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