नई दिल्ली. रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और फेसबुक (Facebook) के बीच एक अभूतपूर्व डील हुई है. 43,574 करोड़ रुपये की इस डील में कई सारी चीजें पहली बार और लैंडमार्क स्तर पर हुई हैं. इसके अलावा इस डील ने दोनों पार्टनरों (Partners) के हिस्सेदारों और शेयरधारकों (Stakeholders) से लेकर इंडस्ट्री के साथियों और सबसे महत्वपूर्ण रूप से उपभोक्ताओं पर भी अद्वितीय प्रभाव डाला है.

ग्राहकों को डील से कैसे होगा फायदा?
आइए देखें कि इस डील के केंद्र में स्थित ग्राहकों (Customers) को इससे कैसे फायदा हो सकता है.

एक ऐसे सिंगल डिजिटल प्लेटफॉर्म (Single Digital Platform) की कल्पना कीजिए जहां संभवत: ग्राहक की हर जरूरत का हल हो. यहां एक छोटी सूची है कि ऐसे किसी प्लेटफॉर्म पर क्या-क्या हो सकता है-कॉलिंग, मैसेजिंग और डॉक्यूमेंट्स (Documents) शेयर करना

फिल्मों या IPL के लिए टिकट बुक करना

किराने का सामान, जूते, कपड़े या ज्वैलरी भी घर के पास के आउटलेट से खरीदना

वीडियो बनाना और एडिट करना

गेम्स (Games) खेलना

पेमेंट करना या पैसे ट्रांसफर करना

खबरें (News) जानना

कई चीजें इससे ज्यादा भी…

जो लोग बिजनेस (Business) चलाते हैं, वे इस लिस्ट में कुछ और चीजें भी जोड़ सकते हैं-

लोन (Loan) पाना

जीएसटी (GST) के लिए रिटर्न दाखिल करना

व्यापार के लिए तकनीकी सहायता पाना

कई बहुत सारी चीजें

इसमें फेसबुक के लिए क्या है?
भले भारत पहले से ही फेसबुक (26 करोड़ यूजर), वॉट्सऐप (40 करोड़ यूजर) के लिए सबसे बड़ा और इंस्टाग्राम (8 करोड़ यूजर) के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार हो.

लेकिन फेसबुक (Facebook) का इरादा इसे और बढ़ाने का है, खासकर 2016 में फ्री बेसिक्स को बंद करने के लिए मजबूर होने बाद.

अब जियो के 40 करोड़ के सब्सक्राइबर बेस (Subscriber Base) का उपयोग कर वह ग्राहकों, व्यापारियों और युवाओं तक पहुंचने के लिए कर सकता है. मिसाल के तौर पर, जिस समय फेसबुक अपनेे छोटे वीडियो का ऐप लासो (Lasso), जियो के प्लेटफॉर्म पर लॉन्च करेगा, यह तुरंत भारत में बेहद पॉपुलर चीनी ऐप TikTok से बड़ी हो जाएगी.

TikTok के फिलहाल भारत में 20 करोड़ यूजर्स हैं.

फेसबुक अपने निवेश, जो कि 43,574 करोड़ रुपये यानि किसी भी अमेरिकी मल्टीनेशनल (American Multinational) के अपने गृह बाजार से बाहर किए निवेश में सबसे अधिक है, के जरिए भारत में अपनी भविष्य की ग्रोथ को बढ़ाने की आशा कर रहा है.

वैसे, यह दुनिया में कहीं भी, किसी भी टेक्नोलॉजी कंपनी में अल्प हिस्सेदारी (Minority Stake) के लिए भुगतान की गई सबसे अधिक रकम है.

RIL के लिए हर तरह से फायदा
पहले ही चेयरमैन मुकेश अंबानी (Chairman Mukesh Ambani) ने अगस्त, 2019 में ही फेसबुक के साथ समझौते के लिए मंच तैयार कर लिया था.

12 अगस्त, 2019 को कंपनी की 42वीं वार्षिक आम बैठक (42nd Annual General Meeting) को संबोधित करते हुए अपने भाषण में अंबानी ने कहा कि कंपनी के पास 31 मार्च, 2021 तक जीरो नेट डेब्ट कंपनी बनने का बहुत स्पष्ट रोडमैप था.

इस बड़ी अमेरिकी कंपनी का 43,574 करोड़ के निवेश इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. RIL, सऊदी आरामको (Saudi Aramco) के साथ भी बातचीत कर रही है ताकि उसके ऑयल टू केमिकल्स डिवीजन में 20% हिस्सेदारी बेची जा सके.

जियो के लिए यह डील भारती एयरटेल (Bharti Airtel) सहित अपने साथियों से छलांग मारकर आगे निकलना है. RIL की इस शाखा के पास अब फेसबुक के साथ कई डील करने के अवसर होंगे जो Jio ग्राहकों के लिए विशेष होंगे.

भारतीय अर्थव्यवस्था का एक कदम आगे बढ़ना
फेसबुक का निवेश RIL के लिए एक महत्वपूर्ण वोट है और भारतीय अर्थव्यवस्था में अभी भी संभावित क्षमता की ओर संकेत है. 43,574 करोड़ का निवेश घरेलू बाजार पर लगाया गया दांव है.

COVID-19 ने भले ही उस सुस्ती में बढ़ोत्तरी की हो, जो पहले से ही घरेली अर्थव्यवस्था में थी और जीडीपी पूर्वानुमानों ने मार्केट की भावनाओं को मंद किया हो.

इस डील ने पिछले कुछ समय में भारतीय व्यापार के लिए अच्छी खबर लेकर आई है, और विशेष रूप से कोविड-19 के बादल छंटने के बाद भारतीय बाजार (Indian Market) की संभावना को रेखांकित करती है.

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