पाकिस्तान भारत के खिलाफ नया प्रोपेगेंडा प्लान तैयार कर रहा है। वह कश्मीर में आतंकवाद को नए सिरे से जीवित करना चाहता है। इसके लिए वह भारतीय बुद्धजीवियों और लेखकों की ओर से की गई सरकार की आलोचना को प्रोपेगेंडा के तौर पर इस्तेमाल करना चाहता है। इसके साथ ही वह कई प्रकार के दुष्प्रचार भी शुरु करने वाला है। इसका खुलासा पाकिस्तानी सेना के जनरल हेडक्वार्टर की ओर से प्रकाशित ‘ग्रीन बुक 2020’ के लेटेस्ट एडीशन में हुआहै।
ग्रीन बुक पाकिस्तान की सेना का एक गोपनीय प्रकाशन है, इसमें जियो-पॉलिटिकल समझ, दूरदर्शिता और रणनीति बताई जाती है। पाकिस्तान सेना प्रमुख के विचारों के अलावा, इसमें रक्षा बलों के विशेषज्ञ और देश के रणनीतिक विचारकों के लेख शामिल होते हैं। समाचार एजेंसी आईएएनएस को 200 पेज की यह किताब मिली है।

बाजवा ने लिखा- मोदी सरकार के दो फैसलों ने अमिट छाप छोड़ी है
इस किताब में पाकिस्तानी सेना के चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने लिखा है कि पिछले साल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो निर्णयों की दक्षिण एशिया के जियोपॉलिटिक्स पर अमिट छाप होगी। इसमें एक 26 फरवरी को हुई बालाकोट स्ट्राइक है और दूसरी जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करना है। इसकी भरपाई करनी होगी। दूसरे लेखक जैसे- लेफ्टिनेंट जनरल राजा मोहम्मद खान (रिटायर्ड), सीनेटर मुशाहिद हुसैन और पत्रकार फरजाना शाह ने भी भारत विरोधी कई बातें लिखी हैं।

अमेरिका को धमकी देने का भी सुझाव
पाकिस्तानी सेना ने स्वीकार किया है कि भारत को अमेरिका का समर्थन मिला हुआ है। अमेरिका इस क्षेत्र में चीन की बढ़त को रोकने के लिए भारत को बढ़ावा दे रहा है। इसमें एक सुझाव दिया गया है कि अमेरिका को चेतावनी देनी चाहिए कि अगर उसका भारत को समर्थन जारी रहा तो पाकिस्तान अपनी पश्चिमी सीमाओं में सेना को कम कर अफगानिस्तान की शांति को और ज्यादा प्रभावित कर सकता है।

किताब में कई तरह के षडयंत्र शामिल
ग्रीन बुक में कई तरह के षडयंत्र भी शामिल हैं। इसमें कई तरह के झूठ का प्रचार करने के लिए कहा गया है। जैसे – भारत की सेना और परमाणु हथियारों पर आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) की पकड़ है। अमेरिका से न्यूक्लियर डील होने के बाद भारत के पास सामूहिक विनाश के हथियार आ गए हैं औरभारत की खुफिया एजेंसी रॉ ने सीपेक (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरीडोर) को नुकसान पहुंचाने के लिए 50 करोड़ डॉलर से एक स्पेशल सेल बनाई है। इसके साथ ही कहा गया है कि इंटरनेट में ऐसे वीडियो डाले जाएं कि किस तरह से भारतीय सेना कश्मीर में अत्याचार करती है। कश्मीर में नए सिरे से विद्रोह को पनपाया जाएताकि भारत यह न कह सके कि यहां पाकिस्तान से आतंकी आते हैं।

चीन के साथ दोस्ती भी बताई गई
इस किताब में पाकिस्तान और चीन की दोस्ती की भी बात की गई है। एक लेख में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को कोट लिखा है कि दुनिया और इस क्षेत्र में चीजें कैसी भी बदल जाएं, लेकिन चीन और पाकिस्तान हमेशा दोस्त रहेंगे। पाकिस्तान की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडताको बनाए रखने में चीन मजबूती से समर्थन करेगा।

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा। (फाइल)



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