सरकार ने बुधवार को घोषणा की थी कि वह कोरोनोवायरस संक्रमण (COVID-19 बिमारी) के प्रसार के कारण चल रहे देशव्यापी लॉकडाउन के बीच ई-कॉमर्स सेवाओं को कुछ शर्तों के साथ काम करने की अनुमति देगी। ई-कॉमर्स कंपनियों को मिलने वाली छूट 20 अप्रैल से लागू होगी। यह अमेज़न, फ्लिपकार्ट और स्नैपडील जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है और उनके ग्राहकों के लिए भी है, जो लंबे समय से ऑनलाइन खरीदारी नहीं कर पा रहे थें, क्योंकि लॉकडाउन में ग्रॉसरी और कुछ ज़रूरी सामान को छोड़ अन्य सभी प्रोडक्ट्स और सर्विस की बिक्री बंद थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत में चल रहे 21 दिनों के लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने की घोणषा की थी, जिसके बाद गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा नए दिशानिर्देश जारी किए गए थे। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा था कि उन क्षेत्रों में जहां COVID-19 का संक्रमण न के बराबर है या नियंत्रण में है, वहां कुछ रियायतें दी जाएंगी।

सरकार ने बुधवार को एक बयान में कहा, “डिजिटल अर्थव्यवस्था, सर्विस सेक्टर और राष्ट्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए अब ई-कॉमर्स संचालन, आईटी और आईटी सक्षम सेवाओं के संचालन, सरकारी गतिविधियों के लिए डेटा और कॉल सेंटर और ऑनलाइन टीचिंग और डिस्टेंस लर्निंग सभी अनुमत गतिविधियां हैं।”

इलके अलावा अपने नए दिशानिर्देशों में गृह मंत्रालय ने ई-कॉमर्स के काम के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों को चलने की भी अनुमति दे दी है।

शुरुआत में यह साफ नहीं किया गया था कि ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए यह अनुमती केवल ज़रूरी प्रॉडक्ट्स के लिए है या कंपनी गैर-ज़रूरी प्रोडक्ट्स को भी डिलीवर कर सकती हैं, लेकिन आज ग्रह मंत्रालय के एक ऑफिसर ने बुधवार को जारी किए गए इन दिशानिर्देशों पर अधिक जानकारी देते हुए यह साफ कर दिया है कि ई-कॉमर्स कंपनियां 20 अप्रैल से मोबाइल फोन, टीवी, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स को बेच सकते हैं। इसका मतलब है कि लंबे समय से फोन, टीवी या अन्य प्रोडक्ट्स खरीदने का इंतज़ार कर रहे ग्राहक अब बेझिझक फ्लिपकार्ट, अमेज़न और स्नैपडील जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के ज़रिए अपना सामान ऑर्डर कर सकते हैं।  

इसके अलावा दिशानिर्देशों में सरकार ने आईटी कंपनियों को 20 अप्रैल से 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करने की भी अनुमति दे दी है। हालांकि उन्हें पहले कुछ अनुमतियों को क्लियर कराना होगा।



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