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यूं ही नहीं खाया जाता मकर संक्रांति पर तिल, गुड़ और खिचड़ी बल्कि है वैज्ञानिक महत्व भी


इस दिन की मान्यता इतनी ज्यादा है कि ये त्योहार देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नाम से मनाया जाता है, जैसे तमिलनाडु में इसे पोंगल के रूप में मनाते हैं. कर्नाटक, केरल तथा आंध्र प्रदेश में इसे संक्रांति कहते हैं. गोआ, ओडिशा, हरियाणा, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, और जम्मू में इस दिन को मकर संक्रांति कहते हैं.





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