तलाक का मन बना रहे थे लोग

तलाक का मन बना रहे थे लोग

लॉकडाउन लगने के बाद से दुनियाभर के कपल्स के बीच तनाव बढ़ने और तलाक तक का मन बना लेने के आंकड़ों में बढ़ोतरी देखने को मिली थी। एसेक्स यूनिवर्सिटी द्वारा ब्रिटेन के घरेलू सर्वेक्षण कोरोनावायरस अध्ययन को पूरा करने वाले 2,559 अभिभावकों की प्रतिक्रियाओं का इस्तेमाल करते हुए पाया कि अभिभावक जून में तलाक पर विचार कर रहे थे जिनका आंकड़ा लॉकडाउन से पहले कम था। दरअसल, सिर्फ 0.7 प्रतिशत पिता और 2.2 फीसदी माताओं ने कहा कि वे इस रिश्ते को छोड़ने पर विचार कर रहे थे।

लॉकडाउन में तलाक की समस्या में आया उछाल

लॉकडाउन में तलाक की समस्या में आया उछाल

लॉकडाउन लग जाने की वजह से कपल्स को एक दूसरे के साथ पहले के मुकाबले ज्यादा समय बिताने का मौक मिला। इस अध्ययन को कराने वाले मैरिज फाउंडेशन के संस्थापक सर पॉल कोलेरिज के मुताबिक कोविड-19 की वजह से कई विवाहित जोड़ों के बीच विरोधाभास बढ़ा है और इस वजह से उनका रिश्ता तलाक तक पहुंच गया। वहीं उनका ये भी मानना है कि कई कपल्स ऐसे भी रहे हैं जिन्होंने इस वक्त का इस्तेमाल अपने रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए किया।

कपल्स में सेक्स की इच्छा रही कम

कपल्स में सेक्स की इच्छा रही कम

लॉकडाउन के कारण लोगों के लाइफस्टाइल में बहुत बड़ी तबदीली आयी है। लोगों की दिनचर्या पर काफी प्रभाव पड़ा। नींद और टेलीविजन के कारण कपल्स में संभोग की इच्छा प्रभावित हुई। अध्ययन की मानें तो तकरीबन 63 प्रतिशत प्रतिभागी देर रात तक मोबाइल में ही व्यस्त रहे। अध्ययन में निकाले गए निष्कर्ष की मानें तो समूह में चार में से एक कपल ने ये स्वीकारा की वो महीने में दो बार ही सेक्स करने का मूड बना पाते थे।





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