कोरोना के खिलाफ जंग में ‘Aarogya Setu App’ खूब हिट, 24 घंटे में 4 करोड़ से ज़्यादा लोगों ने किया डाउनलोड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने के बाद 4 करोड़ से ज़्यादा लोगों ने Aarogya Setu App डाउनलोड किया.

प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते राष्ट्रीय लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाने की घोषणा के दौरान अपनी 7 बड़ी बातों में आरोग्य सेतु ऐप (Aarogya Setu App) का भी जिक्र किया है और सभी को इसे डाउनलोड करने की बात कही.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की मंगलवार को लॉकडाउन पार्ट 2 की घोषणा के बाद देश में ‘आरोग्य सेतु ऐप’ की डाउनलोड संख्या में तेजी से उछाल देखने को मिला. प्रधानमंत्री ने मंगलवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते राष्ट्रीय लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाने की घोषणा के दौरान अपनी 7 बड़ी बातों में आरोग्य सेतु ऐप (Aarogya Setu App) का भी जिक्र किया है और सभी को इसे डाउनलोड करने की बात कही. PM के ऐसा कहने के बाद 24 घंटे के अंदर इस ऐप को 4 करोड़ से ज़्यादा लोगों ने डाउनलोड कर लिया.

जानकारी के लिए मौजूद समय में इस ऐप का इस्तेमाल 5 करोड़ से ज़्यादा लोग कर रहे हैं. सरकार की कोशिश इस ऐप के ज़रिये संक्रमित लोगों की लोकेशन को ट्रेस करना है.

(ये भी पढ़ें- क्या 3 मई तक बढ़ेगी आपके प्रीपेड प्लान की वैलिडिटी? ट्राई ने बताया पूरा प्लान)

ऐसे आप भी कर सकते हैं डाउनलोड:— इस ऐप को एंड्रॉयड और आइफोन दोनों स्‍मार्टफोन पर डाउनलोड किया जा सकता है. डाउनलोड करने के लिए इसमें ‘AarogyaSetu’ टाइप करें.

— ये एप्लीकेशन 11 भाषाओं को सपोर्ट करता है, तो यहां से अपने हिसाब से कोई भी भाषा सेलेक्ट कर लें.

— इनफॉर्मेशन पेज को ध्‍यान से पढ़ने के बाद ‘Register Now’ बटन पर टैप करें.

(ये भी पढ़ें- Corona Lockdown 2.0: ऑनलाइन शॉपिंग के लिए जारी हुए नए नियम, 20 अप्रैल से होंगे लागू)

 आरोग्‍य सेतु ऐप को ब्‍लूटूथ और जीपीएस डेटा की जरूरत पड़ेगी. ऐप को काम करने के लिए इसे Allow कर दें. आरोग्य सेतु कॉन्‍टैक्‍ट ट्रेसिंग के लिए आपके मोबाइल नंबर, ब्लूटूथ और लोकेशन डेटा का इस्तेमाल करता है और पता लगाती है कि क्या कोई व्यक्ति COVID-19 जोखिम के करीब है या नहीं.

— अब अपने मोबाइल नंबर को रजिस्‍टर करें और OTP के ज़रिए उसे वेरिफाई करें.

— ऐप ग्रीन और यलो कलर के कोड में आपके जोखिम के स्‍तर को दिखाता है. ये भी सुझाव देता है कि आपको क्‍या करना चाहिए. अगर आपको ग्रीन में दिखाया जाता है और बताया जाता है कि ‘आप सुरक्षित हैं’ तो कोई खतरा नहीं है.

— अगर आपको यलो कलर में दिखाया जाता है और टेक्‍स्‍ट बताता है कि ‘आपको बहुत जोखिम है’ तो आपको हेल्‍पलाइन से संपर्क करना चाहिए.

जानकारी के लिए बता दें सरकार की इस ऐप की तारीफ विश्व बैंक ने भी की है और देश की कई महान हस्तियां भी लोगों से इस ऐप को डाउनलोड करने की अपील कर रही हैं.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए ऐप्स से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.


First published: April 16, 2020, 7:40 AM IST





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here