• अमेरिका के कम संक्रमण वाले इलाकों में पाबंदियों में धीरे-धीरे ढील दी जाएगी, जहां ज्यादा मरीज हैं, वहां प्रतिबंध लागू रहेंगे
  • यूरोप में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें इटली (22 हजार से ज्यादा) में हुईं, संक्रमितों की संख्या भी 1 लाख 68 हजार से ज्यादा

दैनिक भास्कर

Apr 18, 2020, 02:43 AM IST

वॉशिंगटन. दुनिया में 22 लाख 23 हजार 122 लोग संक्रमित हैं। एक लाख 52 हजार 318 मौतें हो चुकी हैं। पांच लाख 67 हजार से ज्यादा स्वस्थ भी हुए हैं। ब्रिटेन में 24 घंटे में 847 लोगों ने दम तोड़ा। यहां हालात में फिलहाल सुधार होता नहीं दिखता। लंदन के मेयर सादिक खान ने फेस मास्क को अनिवार्य बनाने की मांग की है। रमजान का पवित्र महीना कुछ दिन बाद शुरू हो रहा है। इस दौरान मक्का और मदीना समेत दुनिया की ज्यादातर बड़ी मस्जिदें बंद रहेंगी।  

सऊदी अरब : रमजान के दौरान घर में इबादत करें लोग
रमजान का पवित्र महीना कुछ दिनों बाद आरंभ होगा। लेकिन, इस दौरान सऊदी अरब में मक्का-मदीना और यरुशलम की अल अक्सा जैसी बड़ी मस्जिदें बंद रहेंगी। इनके प्रबंधकों ने लोगों से कहा है कि वो रमजान के दौरान घर में ही इबादत करें। शुक्रवार को सऊदी अरब के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने लोगों से कहा कि वो तरावीह की नमाज घर पर ही पढ़ें। यरूशलम की इस्लामिक वक्फ काउंसिल ने भी साफ कर दिया है कि रमजान के दौरान अल अक्सा मस्जिद बंद रहेगी। मिस्र और जॉर्डन ने भी मस्जिदों में नमाज पर रोक लगा दी है। 

ब्रिटेन : हालात नहीं सुधरे

गुरुवार और शुक्रवार के बीच ब्रिटेन में 847 लोगों की मौत हुई। ये आंकड़े हेल्थ और सोशल केयर की तरफ से जारी किए गए। यहां कुल 14 हजार 576 लोगों की मौत हो चुकी है। पांच हजार 599 नए मामले सामने आए। कुल मामले करीब एक लाख आठ हजार हो चुके हैं। इस बीच आई एक खबर ने और चौंका दिया। यहां की नेशनल हेल्थ सर्विस को मदद करने वाली संस्था के मुताबिक, ज्यादातर अस्पतालों में क्लिनिकल गाउन्स की कमी हो गई है। कोरोना मरीजों के करीब जाने वाले स्टाफ के लिए यह बेहद सुरक्षित माने जाते हैं। अब ये गाउन्स दूसरे देशों मंगाए जा रहे हैं क्योंकि ब्रिटेन में इनका प्रोडक्शन रेट कम है।

सेंट्रल लंदन की विक्टोरिया स्ट्रीट से शुक्रवार को गुजरती महिला। यहां के मेयर सादिक खान ने सरकार से मास्क को अनिवार्य बनाने की मांग की है। खान के मुताबिक, मास्क पहनने से संक्रमण पर बहुत हद तक काबू पाया जा सकता है।  

न्यूयॉर्क : फेस मास्क पहनना जरूरी
न्यूयॉर्क राज्य में अब फेस मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। यह खास तौर पर उन स्थानों पर जरूरी होगा जहां लोग छह फीट की दूरी नहीं रख सकते। गवर्नर के मुताबिक, यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के बावजूद संक्रमण पर काबू पाने में बहुत कामयाबी नहीं मिल पाई है। इस हफ्ते अब तक 41 हजार लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। यानी हर रोज करीब आठ हजार मरीज। दो साल से ऊपर के सभी लोगों को अब मास्क पहनना जरूरी होगा। 

न्यूयॉर्क : गवर्नर का ट्रम्प प्रशासन पर निशाना
न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रू कूमो ने शुक्रवार को बताया कि राज्य में 630 लोगों की मौत पिछले 24 घंटे में हुई। कूमो ने राष्ट्रपति ट्रम्प के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि न्यूयॉर्क को सबसे ज्यादा मदद दी जा रही है। कूमो ने कहा, “संघीय सरकार से हमें कुछ नहीं मिला। अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या कम होती जा रही है। इस हफ्ते इसमें 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। लेकिन, इसके बावजूद हर रोज करीब 2 हजार लोग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं।” 

अमेरिकी राज्य मैसाचुसेट्स के चेल्सिया शहर में आम लोगों के लिए फूड स्टोर खोले गए हैं। शुक्रवार को यहां से सामान खरीदकर ले जाते लोग।

अमेरिका : कूमो बनाम ट्रम्प
न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रू और ट्रम्प के बीच जुबानी जंग जारी है। कूमो रोज न्यूयॉर्क राज्य के हालात पर प्रेस ब्रीफिंग करते हैं। ट्रम्प ने इस पर तंज कसा। कहा, “रोज मीडिया को ब्रीफिंग करना बुरा नहीं है लेकिन बेहतर होता अगर कूमो बोलने से ज्यादा अपने काम पर ध्यान देते।” जवाब कूमो की तरफ से भी आया। शुक्रवार को उन्होंने कहा, “अगर वो घर बैठकर टीवी देख रहे हैं तो मेरे एक सलाह है। ट्रम्प को अब उठकर अपने काम संभाल लेना चाहिए।” बता दें कि ट्रम्प रिपब्लिकन पार्टी से हैं जबकि कूमो डेमोक्रेट पार्टी से। 

इटली : मामले बढ़ने की रफ्तार कम हुई
इटली में कोरोनावायरस के मामले बढ़ना जारी हैं। हालांकि, इनकी रफ्तार कम हो गई है। शुक्रवार तक करीब एक लाख सात हजार मामले थे। गुरुवार से शुक्रवार तक यानी 24 घंटे में 355 नए संक्रमितों की पहचान हुई। मार्च की तुलना में यह महज 0.3 फीसदी ज्यादा हैं। इटली की प्रोटेक्शन एजेंसी का कहना है कि अब तक 22 हजार 745 लोगों की मौत हो चुकी है। 24 घंटे में 575 लोगों की मौत हुई।  

इटली में शुक्रवार को रोम के एक अस्पताल में सहयोगी को फेस शील्ड पहनने में मदद करती नर्स। इस देश में संक्रमण का आंकड़ा कम हुआ है। 24 घंटे में यहां 355 नए केस सामने आए। इसी दौरान 575 लोगों की मौत हो गई।

अमेरिका : ट्रम्प के ट्वीट

डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कई ट्वीट किए। तीन राज्यों मिशिगन, मिनीसोटा और वर्जीनिया के आगे उन्होंने लिबरेट शब्द का इस्तेमाल किया। इन राज्यों में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगाए प्रतिबंधो का विरोध हो रहा है। मिशिगन में तो लोगों ने रास्ते जाम कर दिए। कुछ लोगों ने ट्रम्प 2020 के बैनर भी लहराए। मिशिगन और मिनीसोटा में डेमोक्रेटिक पार्टी के गवर्नर हैं। लोगों की मांग है कि कम से कम छोटे कारोबारियों का बिजनेस की इजाजत मिलनी चाहिए। दूसरी तरफ, राज्यों का तर्क है कि अगर संक्रमण पर काबू किए बिना री-ओपन किया गया तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। 

शुक्रवार को न्यूयॉर्क सिटी के टाइम्स स्क्वेयर स्टेशन पर मास्क पहने महिला। यहां फेस मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है।

रूस : पुतिन ने कहा हम भारत के शुक्रगुजार
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं देने के लिए भारत का शुक्रिया अदा किया है। पुतिन के प्रवक्ता ने कहा, “भारत सरकार ने हमें कोविड-19 के इलाज में मददगार दवाएं देने का फैसला किया है। हम उनके शुक्रगुजार हैं। दोनों देश हेल्थ सेक्टर में सहयोग के लिए पहले ही समझौता कर चुके हैं और इस दौर में यह काफी कामयाब साबित हो रहा है।” 

ट्रम्प का फिर डब्लूएचओ पर निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक बार फिर डब्लूएचओ पर तंज कसा। उन्होंने दोहराया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वक्त रहते कोरोनावायरस को लेकर न तो फैसले किए और न एक्शन लिया। ट्रम्प ने कहा, “दिसंबर में ताईवान ने डब्लूएचओ को एक मेल किया था। इसमें उन्होंने कोरोनावायरस से होने वाले संभावित खतरे को लेकर आगाह किया था। ये भी कहा था कि यह वायरस इंसानों में फैलकर महामारी बन सकता है। अब ये संगठन वायरस को लेकर गलत और झूठे तथ्य क्यों दे रहा है?”

जापान : ट्रम्प की राह पर शिंजो आबे?
डोनाल्ड ट्रम्प डब्लूएचओ की फंडिंग पर रोक लगा चुके हैं। अब जापान के पीएम शिंजो आबे भी कुछ ऐसे ही संकेत दे रहे हैं। शुक्रवार को आबे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कहा, “अभी हम डब्लूएचओ को पूरा समर्थन और सहयोग दे रहे हैं। लेकिन, ये बिल्कुल सही बात है कि इस संगठन में कुछ दिक्कतें और चिंताएं हैं। पहले हम कोरोनावायरस से निपट लें फिर इस मामले पर जरूर विचार होगा।” सीएनएन के मुताबिक, आबे ने साफ इशारा किया कि अमेरिका के बाद जापान भी डब्लूएचओ की फंडिंग रोक सकता है। उन्होंने आगे कहा, “डब्लूएचओ सियासी कदम क्यों उठाता है। जापान कई साल से मांग कर रहा है कि ताईवान को सदस्य बनाया जाए। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ।” आबे का इशारा चीन की तरफ था जो ताईवान को डब्लूएचओ में शामिल नहीं होने देता।  

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने शुक्रवार को कहा कि डब्लूएचओ के साथ कुछ परेशानियां हैं। उनका इशारा इस संगठन पर चीन के दबाव की तरफ था। चीन की वजह से ताईवान अब तक डब्लूएचओ का सदस्य नहीं बन सका है। (फाइल)

अमेरिका : ट्रम्प को सलाह

पूर्व लेबर सेक्रेटरी सेथ हैरिस ने राष्ट्रपति ट्रम्प को सलाह दी है कि वो राज्यों को फिर से शहर खोलने के लिए मजबूर न करें। हैरिस के मुताबिक, “अगर हम बिना पर्याप्त तैयारी के शहरों को खोलते हैं तो कामकाज वाली जगहें कब्रगाह बन सकती हैं।” हैरिस ओबामा सरकार में लेबर डिपार्टमेंट के मुख्य अधिकारी थे। उनके मुताबिक, ट्रम्प सरकार ने कॉन्टेक्ट और ट्रेसिंग की सही व्यवस्थाएं नहीं कीं।  

अफ्रीका : खतरा ज्यादा
यूएन कमीशन फॉर अफ्रीका ने अफ्रीदी महाद्वीप को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। इसके मताबिक, यहां तीन लाख लोगों की मौत हो सकती है और करीब 12 करोड़ लोग संक्रमण के शिकार हो सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ्रीकी देशों का हेल्थ सिस्टम दुनिया के बाकी देशों की तुलना में कहीं नहीं ठहरता। इसलिए खतरा ज्यादा है।

ब्रिटेन : फेस मास्क अनिवार्य किया जाए
लंदन के मेयर सादिक खान ने सरकार से मांग की है कि शहर ही नहीं बल्कि देश में फेस मास्क को फौरन अनिवार्य कर देना चाहिए। ब्रिटेन में तीन हफ्ते का लॉकडाउन है। इसके पहले खान ने नागरिकों से भी अपील की थी। उन्होंने कहा था, “हम जानते हैं कि लोग मौसम का लुत्फ लेने के लिए बाहर आना चाहते हैं। लेकिन, कुछ पल का यह आनंद लाखों लोगों को मुसीबत में डाल सकता है।”

पाकिस्तान : इमरान के निर्देश
प्रधानमंत्री इमरान खान ने हेल्थ मिनिस्ट्री को एक आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि रमजान के दौरान देश में इस तरह की व्यवस्थाएं की जाएं ताकि कोरोनावायरस का संक्रमण बेकाबू न हो पाए। कराची समेत देश के कई हिस्सों में लोग आम दिनों की तरह बाहर निकल रहे हैं जबकि सरकार ने लॉकडाउन तीन हफ्तों के लिए बढ़ाया है। यहां सात हजार से संक्रमित हैं और सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।  

अमेरिका : री-ओपनिंग के लिए गाइडलाइंस
राष्ट्रपति ट्रम्प महामारी के दौरान भी देश के शहरों को फिर से खोलना चाहते हैं। संघीय सरकार ने इसके लिए गाइडलाइंस भी जारी की हैं। लेकिन, कई राज्यों के गवर्नर्स उनका खुला विरोध कर रहे हैं। पहले तो ट्रम्प ने इस पर सख्ती दिखाई लेकिन, अब उनका रुख कुछ नर्म हो गया है। ट्रम्प के मुताबिक, देश के शहरों को फिर से खोलने का फैसला संबंधित राज्यों के गवर्नर्स को ही लेना है। हम चाहते हैं कि अर्थव्यवस्था का भी गंभीर तौर पर ध्यान रखा जाएग।  

न्यूयॉर्क के एक बाजार से जरूरी सामान खरीदकर लौटती महिला। राष्ट्रपति ट्रम्प देश के शहरों को फिर से खोलना चाहते हैं। वो इसके पीछे अर्थव्यवस्था को सुधारने का तर्क दे रहे हैं। लेकिन, न्यूयॉर्क समेत कई राज्य इसके लिए तैयार नहीं हैं। 

अमेरिका : एफबीआई की चेतावनी

खुफिया एजेंसी एफबीआई ने चेतावनी दी है कि कुछ विदेशी सरकारें देश के हेल्थ केयर सिस्टम को हैक करने की साजिश रच रही हैं। एक अधिकार ने कहा, “हमने हाल के दिनों में कुछ गलत हरकतें नोट की हैं। ये लोग सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। ये अपने आप को कोविड-19 रिसर्चर बताते हैं।” 

मिशिगन : सरकार का विरोध
मिशिगन राज्य में स्टे एट होम यानी घर में रहने के आदेश का विरोध हो रहा है। गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी यहां लोग सड़कों पर गाड़ियां लेकर निकल आए। उन्होंने पोस्टर और बैनरों के जरिए गवर्नर ग्रेटचेन व्हिटमर से फैसला वापस लेने की मांग की। व्हिटमर ने कहा, “लोग न मास्क पहनने तैयार हैं और न सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो करना चाहते। इस तरह रोड जाम करके वहां म्यूजिक और हॉर्न बजाना बेहद गलत है।” वैसे, लोगों का यह रवैया हैरान करने वाला है। क्योंकि, मिशिगन में 29 हजार से ज्यादा संक्रमित हैं और 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

मिशिगन में स्टे एट होम और सोशल डिस्टेंसिंग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते लोग। 

पोप का संदेश
पोप फ्रांसिस के मुताबिक, संक्रमण का दुनिया को एकजुट होकर मुकाबला करना चाहिए। पोप ने एक आर्टिकल में लिखा, ‘जंग के जरिए दबदबा और शक्ति हासिल करने की कोशिशों क्यों होती हैं? क्या हम एकजुट होकर पर्यावरण की रक्षा नहीं कर सकते या अब भी किसी सबूत की जरूरत है? सीमाएं खत्म हो गईं, दीवारें गिर गईं। मुझे उम्मीद है हम न्याय, दान और एकजुटता जैसी चीजें खोज पाएंगे।’  

सिंगापुर : विदेशी मजदूरों को शिप में रखने की तैयारी
पर्यटन मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि वो उन विदेशी मजदूरों को क्रूज शिप में रखने की तैयारी कर रहा है जो कोरोना संक्रमण के बाद अब स्वस्थ हैं। बयान के मुताबिक, “क्रूज शिप्स में तमाम सुविधाएं हैं। यहां अच्छे कमरे हैं और टॉयलेट जैसी सभी बुनियादी व्यवस्थाएं भी हैं।” मंत्रालय के मुताबिक, यह संक्रमण रोकने की कोशिश है।  

सिंगापुर में प्रशासन दूसरे देशों के मजदूरों को शिप में शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। कुछ को यहां भेजा भी जा चुका है। ये वो मजदूर हैं जो संक्रमण के बाद अब स्वस्थ हैं। प्रशासन का तर्क है कि इससे इन्हें दोबारा संक्रमित होने से बचाया जा सकेगा।  

एस्ट्रोनॉट्स के लिए बदल गई दुनिया
करीब 200 दिन अंतरिक्ष में बिताने के बाद जेसिका मियर, एंड्रू मॉर्गन और ओलेग क्रिपोश्का शुक्रवार को कजाखिस्तान में उतरे। इनके लिए दुनिया अब बिल्कुल बदली हुई है। पहले की तरह पार्टियां, भीड़ और कंसर्ट नहीं हो रहे। लोग हाथ भी नहीं मिलाते। कोरोनावायरस ने जैसे सबकुछ बदल दिया। मियर और मॉर्गन ने पिछले हफ्ते कहा था- अंतरिक्ष से पृथ्वी पर कोई बदलाव नजर नहीं आता। पता नहीं हम जब लौटेंगे तो हालात क्या होंगे। धरती पर लौटने के बाद नासा ने इनका रीहैबिलेटशन प्रोग्राम भी काफी बदल दिया है। इसकी वजह कोरोना है।

दक्षिण कोरिया : नया खतरा
दक्षिण कोरिया ने कोरोनावायरस पर काफी हद तक काबू पा लिया है लेकिन उसके सामने नयी मुसीबत खड़ी हो गई है। सीएनएन के मुताबिक, 2 फीसदी लोग ऐसे हैं जो संक्रमण से स्वस्थ होने के बाद फिर पॉजिटिव पाए गए हैं। सरकारी आंकड़ों की मानें तो कुल सात हजार 829 संक्रमित स्वस्थ हुए थे। इनमें से 163 फिर पॉजिटिव पाए गए हैं। 

शुक्रवार को सियोल के रॉयल पैलेस के बाहर टहलते दंपति। यहां सरकार के सामने दिक्कत नई दिक्कत है। दरअसल, देश के करीब 2 फीसदी लोग ऐसे हैं जो दोबारा कोरोना संक्रमित हो गए हैं।  

ब्राजील : स्वास्थ्य मंत्री हटाए गए

ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने लॉकडाउन विवाद के बाद स्वाथ्य मंत्री लुइज हेनरिक मैन्डेटा को हटा दिया। बोल्सोनारो संक्रमण रोकने के लिए पाबंदियां लागू करने के पक्ष में नहीं थे।लेकिन, मैन्डेटा इस पर जोर दे रहे थे। इससे पहले बोल्सोनारो ने कोरोना को एक मामूली फ्लू बताया था। 

ब्राजील के मैनोस स्थित एक अस्पताल में गुरुवार को लोगों को समझाती एक स्वास्थ्यकर्मी। यहां के हेल्थ मिनिस्टर को हटा दिया गया है।

न्यूयॉर्क : इमिग्रेंट लेबर्स के लिए 200 करोड़ के फंड का ऐलान

न्यूयॉर्क में संक्रमितों की संख्या 2 लाख 26 हजार 198 पहुंच गई है और 16 हजार 106 मौतें हुई हैं। इस बीच न्यूयॉर्क सिटी के मेयर बिल डी ब्लासियो ने प्रवासी मजदूर और उनके परिवार के लिए 20 मिलियन डॉलर (करीब 200 करोड़ रुपए) के फंड की घोषणा की। इससे 20 हजार से ज्यादा मजदूरों को फायदा होगा। न्यूयॉर्क में 15 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। गवर्नर एंड्रयू क्यूमो ने कहा, “संक्रमण की दर में गिरावट देखी जा रही है। इसके बावजूद हम ऐहतियात बरतेंगे। वायरस न फैले, इसके लिए कड़ाई से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा।” 

न्यूयॉर्क सिटी की घुड़सवार पुलिस ने स्वास्थ्यकर्मियों को उनकी सेवाओं के लिए धन्यवाद दिया। यहां के मेयर ने दावा किया है कि संक्रमण के मामले अब कम हो रहे हैं।

अमेरिका : भारत को 45 करोड़ की सहायता
अमेरिका ने भारत को स्वास्थ्य सहायता के तौर पर 5.9 मिलियन डॉलर (करीब 45 करोड़ रुपए) दिए हैं। यह रकम प्रभावित लोगों की मदद, जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करने, लोगों को कोरोना से बचाव के संदेश देने और निगरानी बढ़ाने पर खर्च की जा सकेगी। अमेरिका ने अब तक भारत को 19,170 करोड़ (2.8 बिलियन डॉलर) की मदद की है।  इसमें हेल्थ सेक्टर के लिए 1.4 बिलियन डॉलर (9,585 करोड़ रुपए) शामिल हैं।

फ्रांस : राष्ट्रपति का चीन पर तंज

राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कोरोना से निपटने के चीन के तरीके पर सवाल किए। वुहान में हुई मौतों और संक्रमण के ताजा आंकड़े जारी होने के बाद मैक्रों ने कहा, “ पश्चिमी देश संक्रमण से निपटने में बेहतर काम कर रहे हैं। जहां पर सूचनाएं बिना रोक टोक पहुंचती हों और लोग सरकार की आलोचना कर सकते हों, ऐसे देशों की तुलना उन देशों से नहीं होनी चाहिए जहां सच्चाई दबाई जाती है। हमें चीन की तरह अनुभवहीन नहीं होना है। यह स्पष्ट है कि वहां कई ऐसी चीजें हुई हैं, जिनकी हमें जानकारी नहीं है।”

आयरलैंड: पाबंदियां हटाने में कई महीने लगेंगे

आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो वराडकर के मुताबिक, देश में कोरोना को लेकर लगाई गई पाबंदियां धीरे-धीरे हटाई जाएंगी। इसमें कई महीनों का समय लग सकता है। उन्होंने संसद में कहा, “सरकार अभी दावे के साथ नहीं कह सकती कि 5 मई को पाबंदियां हट जाएंगी। 27 मार्च को सरकार ने देश भर में लॉकडाउन की घोषणा की थी। यहां पर कोरोना का पहला मामला फरवरी में सामने आया था। अब तक आयरलैंड में 13 हजार 271 पॉजिटिव केस मिले हैं और 486 मौतें हुई हैं।”

अपडेट्स: 

  • अमेरिका में पिछले चार हफ्ते में 2 करोड़ से ज्यादा लोगों ने बेरोजगारी भत्ते के लिए अप्लाई किया है। सरकार ने यहां उद्योगों के बंद होने की वजह से बेरोजगार हुए लोगों को आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।
  • दक्षिण कोरिया में शुक्रवार को 22 नए मामले सामने आए। इनमें से 11 मामलों का देश के अलग-अलग एयरपोर्ट पर की जा रही स्क्रीनिंग के बाद पता चला। बाकी उत्तर ग्येंगसांग, सियोल और दूसरे राज्यों में मिले हैं। अब तक यहां 10 हजार 635 पॉजिटिव केस आए हैं और 230 की मौत हुई है। 
  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को कुछ राज्यों से पाबंदियां हटाने का ऐलान किया। यह तीन चरणों में लागू किए जाएंगे।उन्होंने राज्यों के गर्वनरों के साथ बात करने के बाद यह घोषणा की। इसके लिए नई गाइडलाइन बनाई गई है। इसके मुताबिक, कम संक्रमण वाले इलाकों में पाबंदियों में धीरे-धीरे ढील दी जाएगी। जहां ज्यादा मरीज मिल रहे हैं, वहां पाबंदियां पहले की तरह लागू रहेंगी। हालांकि, ट्रम्प ने कहा है कि इस पर फैसला राज्यों के गवर्नर लेंगे।
  • जापान में पिछले 24 घंटे में 503 नए पॉजिटिव केस सामने आए और 12 लोगों की मौत हुई। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक यहां 9 हजार 879 संक्रमित मिले हैं। इनमें से 712 डायमंड प्रिंसेज क्रूज से मिले हैं। देश में 161 लोगों ने संक्रमण की वजह से दम तोड़ा है। 
  • अर्जेंटीना में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से मरने वालों की संख्या 7 से 122 हो गई। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार देर रात इसकी जानकारी दी। देश में पॉजिटिव केस की संख्या 2 हजार 669 है। यहां फिलहाल लॉकडाउन लागू नहीं है।
  • अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान को कोरोनावायरस महामारी से लड़ने के लिये 1.4 बिलियन डालर(करीब 1 हजार 71 करोड़ रुपए) की सहायता राशि देने की मंजूरी दी है। पाकिस्तान में स्वास्थ्य और राहत कार्य को मजबूती देने के लिए यह रकम दी जाएगी। 
  • जर्मनी में सरकार ने कोरोना को लेकर लगाई गई कुछ पाबंदियां हटा ली है। हालांकि यहां के स्वास्थ्य मंत्री जेन्स स्पान ने कहा है कि देश के हालात पहले जैसे नहीं रहेंगे। धीरे-धीरे देश में व्यापारिक गतिविधियों को मंजूरी दी जाएगी।
  • संयुक्त अरब अमीरात(यूएई) ने ओमान में एक कपड़ा बाजार को बंद कर दिया गया। यहां काफी संख्या में पर्यटक पहुंचते थे। अभी तक यहां पर 1 हजार 19 मामले सामने आए हैं और 5 मौतें हुईं हैं। वहीं दुबई में कर्फ्यु लगा दिया गया है।
  • मंगोलिया ने देश में लोगों को मास्क पहनने के लिए बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को अभियान शुरू किया। इसके साथ ही देश में सभी सरकारी और गैर सरकारी संगठनों में मास्क का इस्तेमाल जरूरी कर दिया गया है।  अब तक यहां 31 कोरोना मरीज मिले हैं, किसी की मौत नहीं हुई है। 
  • चीन के वुहान शहर में मृतकों और संक्रमितों का नया आंकड़ा जारी किया गया है। इसके मुताबिक अब यहां पॉजिटिव केस की संख्या 325 से बढ़कर 50 हजार 333 हो गई है। वहीं मौतों की संख्या भी 1,290 से बढ़कर 3,869 हो गई है। वुहान नगरपालिका मुख्यालय ने इसकी जानकारी दी। इसमें डेटा में गड़बड़ी होने के चार कारणों को भी बताया गया है।

चीन : अर्थव्यवस्था में गिरावट

शुक्रवार को चीन ने अर्थव्यवस्था के आंकड़े जारी किए। इसमें साल 2020 की पहली तिमाही में 6.8% प्रतिशत की गिरावट आई है। 1992 में आर्थिक आंकड़े जारी करने की शुरूआत करने के बाद से यह पहली बार है जब चीन में यह गिरावट देखी गई है। इसके साथ ही 1976 के बाद यह पहला मौका है,जब चीन को आर्थिक गिरावट का सामना करना पड़ा।

चीन के बीजिंग स्थित एक निर्माण स्थल पर काम के दौरान अपना मास्क ठीक करता एक मजदूर।

इजराइल: व्यापारिक गतिविधियां शुरू करने की योजना 
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि देश में व्यापारिक गतिविधियों को दोबारा शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इससे देश कीअर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में मदद मिलेगी। धीरे-धीरे पाबंदियां हटाई जाएंगी। देश के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इसके लिए सुझाव दिए हैं। 48 घंटे के लिए कुछ दुकानों को खोलने की इजाजत दी जाएगी। स्कूल और किंडरगार्टन बंद रहेंगे। अभी तक इजराइल में 12 हजार 758 केस मिले हैं और 142 मौतें हुई हैं। 

इजरालोग प्रधानमंत्री नेतन्याहू के विरोध में मास्क पहनकर प्रदर्शन करते हुए। सरकार यहां कुछ पाबंदियां हटाने जा रही है। लेकिन, कुछ लोगों का आरोप है कि सही हालात की जानकारी नहीं दी जा रही।

ब्रिटेन: लॉकडाउन की मियाद 3 हफ्ते और बढ़ी

ब्रिटेन में कोरोना पर काबू पाने के लिए सरकार ने लॉकडाउन की मियाद तीन हफ्ते और बढ़ा दी है। यहां 25 दिन पहले लॉकडाउन का ऐलान किया गया था। इसमें से 21 दिन तो प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अस्पताल और आइसोलेशन में ही रहे। फिलहाल वे स्वस्थ हो रहे हैं। देश में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 लाख से ज्यादा हो गई है। यहां 3 लाख 27 हजार 608 लोगों के कोरोना टेस्ट हुए। इसमें से 1 लाख 3 हजार से ज्यादा पॉजिटिव पाए गए हैं। यूके के अस्पतालों में अब तक 13 हजार 729 लोगों ने इस वायरस की वजह से दम तोड़ा है। 

यूरोप :  सबसे ज्यादा मौतें इटली में हुईं
यूरोप में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें इटली में ही हुई हैं। यहां अब तक 22 हजार से ज्यादा लोग दम तोड़ चुके हैं। वहीं, संक्रमितों की संख्या भी 1 लाख 68 हजार से ज्यादा है। यूरोप में सिर्फ स्पेन(182,816) ही इस मामले में उससे आगे है। फ्रांस में संक्रमितों की संख्या 1 लाख 47 हजार से ज्यादा है जबकि मृतकों का आंकड़ा 17 हजार 167 है। 

कोरोनावायरस : सबसे ज्यादा प्रभावित 10 देश

देश कितने संक्रमित कितनी मौतें कितने ठीक हुए
अमेरिका 6 लाख 90 हजार 900 35 हजार 955 58 हजार 263
स्पेन 1 लाख 88 हजार 093 19 हजार 613 74 हजार 797
इटली  1 लाख 72 हजार 734 22 हजार 745 42 हजार 727
फ्रांस 1 लाख 47हजार 969 18 हजार 681 34 हजार 420
जर्मनी 1 लाख 39 हजार 041 4 हजार 193 81 हजार 800
ब्रिटेन 1 लाख 8 हजार 692 14 हजार 576 उपलब्ध नहीं
चीन 82 हजार 692 4 हजार 632 77 हजार 944
ईरान 79 हजार 494 4 हजार 958 54 हजार 064
तुर्की  78 हजार 546 1 हजार 769 8 हजार 631
बेल्जियम 36 हजार 138 5 हजार 163 7 हजार 962



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