• हरियाणा के रेवाड़ी में कपड़े पर सेनेटाइजर गिरने से शख्स 35 फीसदी तक जल गया
  • एक्सपर्ट के मुताबिक, सेनेटाइजर इस्तेमाल करने के बाद कुछ देर तक आग के पास न जाएं

दैनिक भास्कर

Apr 04, 2020, 09:59 PM IST

हेल्थ डेस्क. हरियाणा के रेवाड़ी में एक शख्स के कपड़ों पर सेनेटाइजर गिरने से आग पकड़ने का मामला सामने आया है। शख्स 35 फीसदी तक जल गया और उसे सर गंगाराम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। एक्सपर्ट के मुताबिक, कोरोनावायरस से बचाव के तौर पर हैंड सेनेटाइजर का इस्तेमाल सावधानी से करना जरूरी है। इसमें 75 फीसदी तक अल्कोहल होता है जो एक ज्वलनशील पदार्थ है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 5 अप्रैल को घरों के बाहर दीया/मोमबत्ती जलाने की अपील के बाद प्रसार भारती ने लोगों को सलाह दी कि वे दीया या मोमबत्ती जलाते समय अल्कोहल-आधारित सैनिटाइज़र का उपयोग न करें। प्रसार भारती के मुताबिक, अल्कोहल-आधारित सैनिटाइज़र ज्वलनशील होता है। हालांकि, पीएम ने कहा है कि लोग मोबाइल की फ्लैशलाइट भी जला सकते हैं। जानिए वो बातें जो सेनेटाइजर का इस्तेमाल करते वक्त ध्यान रखनी जरूरी हैं-

#1)  रसोई, लाइटर और माचिस से दूर रखें
अगर हैंड सेनेटाइजर का इस्तेमाल किया है तो कुछ देर के लिए रसोई गैस, लाइटर, माचिस या ऐसी जगहों से दूर रहें जहां आग है। अल्कोहल में 75 फीसदी तक अल्कोहल होता है, यह ज्वलनशील होने के कारण आग तेजी से पकड़ता है। हाथों में इसका जरूरतभर ही इस्तेमाल करें और सूखने के बाद ही कोई काम करें। 

#2)  बच्चों की पहुंच से दूर रखें
हर चीज को सैनेटाइज की जरूरत नहीं है। हाथ को सेनेटाइज करें, क्योंकि हाथ से ही नाक और मुंह छूते हैं। इसे बच्चों से दूर रखें। एक्सपर्ट के मुताबिक, सेनेटाइजर की कुछ बूंदें ही बच्चों के लिए खतरानाक साबित हो सकती हैं। मुंह में सेनेटाइजर जाने पर सिरदर्द, बोलने में समस्या, सिर चकराना जैसी समस्या हो सकती है। मात्रा अधिक होने पर ब्रेड डैमेज की स्थिति भी बन सकती है।

#3)  सेनेटाइजर नहीं तो साबुन सही
अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल और प्रिवेंशन के मुताबिक, वायरस से बचाव के लिए ऐसा सेनेटाइजर जरूरी है जिसमें कम से कम 60 फीसदी अल्कोहल हो। लेकिन हर बार सेनेटाइजर से ही हाथ साफ किए जाएं ये जरूरी नहीं। साबुन से 20 सेकंड का हाथ धोकर भी कोरोनावायरस से बचाव कर सकते हैं। दुनियाभर के एक्सपर्ट ने यह सलाह भी दी है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च बताती है कि सैनिटाइजर कोरोनावायरस से लड़ने में साबुन जितना कारगर नहीं है। कोरोनावायरस से लड़ने के लिए वही सेनेटाइजर असरदार होगा जिसमें अल्कोहल की मात्रा कम से कम 60 फीसदी होगी। 

कैसे बनाएं हैंड सैनेटाइजर जेल

#इन चीजों की जरूरत होगी

  • आइसोप्रोपिल एल्कोहल
  • एलोवेरा जेल
  • टी ट्री ऑयल

#कैसे बनाएं

एक भाग एलोवेरा जेल में तीन भाग आइसोप्रोपिल एल्कोहल मिलाएं। खुशबू के लिए इसमें कुछ बूंदें टी ट्री ऑयल की मिलाएं। इसके बाद जेल इस्तेमाल के लिए तैयार हो जाएगा। 

कैसे बनाएं हैंड सैनेटाइजर स्प्रे

#इन चीजों की जरूरत होगी

  • आइसोप्रोपिल एल्कोहल
  • ग्लिसरोल 
  • हाइड्रोजन पेरोक्साइड
  • डिस्टिल्ड वॉटर
  • स्प्रे बॉटल

कैसे बनाएं

डेढ़ कप एल्कोहल में दो चम्मच ग्लिसरोल मिलाएं। आप ग्लिसरोल जग ऑनलाइन खरीद सकते हैं। यह बहुत जरूरी चीज है, क्योंकि इसके इस्तेमाल से लिक्विड मिक्स अच्छे से हो जाता है और हाथ एल्कोल और दूसरे लिक्विड से दूर भी रहते हैं। 
इसमें एक चम्मच हाइड्रोजन पेरोक्साइड, एक चौथाई डिस्टिल्ड वॉटर मिलाएं। अब इस सॉल्युशन को स्प्रे बॉटल में भर दें। यह जेल नहीं, स्प्रे है। इसे सुगंधित करने के लिए आप इसमें एसेंशियल ऑयल भी मिला सकते हैं।

क्या सावधानियां जरूरी

  • हैंड सैनेटाइजर तैयार करते वक्त कुछ सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। जैसे, जिन चीजों का उपयोग आप इस लिक्विड को मिक्स करने में करें, वह अच्छी तरह से साफ हों। 
  • यदि उपयोग में ली जा रही चीजें ही गंदी होंगी तो पूरा लिक्विड ही असरकारक नहीं रह जाएगा। वर्ल्ड हेल्थ ओर्गनाइजेशन के मुताबिक, मिश्रण के बाद लिक्विड को कम से कम 72 घंटे के लिए छोड़ देना चाहिए। इससे यदि मिक्सिंग के दौरान कोई बैक्टीरिया पैदा हुए होते हैं तो मर जाते हैं। 
  • सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, सैनेटाइजर को असरकारक बनाना है तो इसमें कम से कम 60 प्रतिशत एल्कोहल होना चाहिए। 
  • 99 प्रतिशत आइसोप्रोपिल एल्कोहल वाला मिश्रण उपयोग करना सबसे बेहतर होता है। पीने वाली शराब जैसे, वोदका, व्हिसस्की आदि इसमें असरकारक नहीं होतीं। 





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