Coronavirus lockdown: 3 मई के बाद भी स्कूल, मॉल, सार्वजनिक परिवहन बंद रह सकते हैं, इस सप्ताहांत होगा फैसला

प्रतीकात्मक तस्वीर

खास बातें

  • संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए रखे जा सकते हैं बंद
  • शिक्षण संस्थान, शॉपिंग मॉल, धार्मिक संस्थान और सार्वजनिक परिवहन बंद
  • मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में दिए संकेत

नई दिल्ली:

कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए तीन मई तक लागू लॉकडाउन के बाद भी शिक्षण संस्थान, शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल और सार्वजनिक परिवहन के बंद रहने की संभावना है. यह जानकारी अधिकारियों ने दी. इसका संकेत सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तीन घंटे तक चली बैठक में भी मिला. घटनाक्रमों की जानकारी रखने वाले अधिकारी ने बताया कि ग्रीन जोन के जिलों में सीमित संख्या में निजी वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन रेलगाड़ियों और हवाई सेवाओं की बहाली की हाल फिलहाल कोई संभावना नहीं है.

उन्होंने बताया कि इस बात की संभावना है कि मई के मध्य में कुछ स्थानों के लिए सीमित आधार पर रेल और हवाई सेवा शुरू की जा सकती है, लेकिन यह COVID-19 के हालात पर निर्भर करेगा. अधिकारी ने बताया कि स्कूल, कॉलेज, शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल और सार्वजनिक परिवहन पर रोक आगे भी जारी रहने की संभावना है. तीन मई के बाद भी सार्वजनिक और सामाजिक कार्यक्रम में लोगों के एकत्र होने पर रोक जारी रहेगी.  कोरोना वायरस की महमारी के खिलाफ रणनीति बनाने के लिए सोमवार को हुई बैठक के बाद अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन पर अंतिम फैसला इस सप्ताहांत लिया जाएगा.

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उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्रियों की बैठक में अपनी बात रखने वाले नौ मुख्यमंत्रियों में से पांच ने मजबूती के साथ तीन मई के बाद भी लॉकडाउन बढ़ाने का समर्थन किया जबकि कुछ ने COVID-19 मुक्त जिलों में एहतियात के साथ ढील देने की वकालत की. ओडिशा, गोवा, मेघालय और कुछ अन्य राज्य लॉकडाउन को कुछ और हफ्ते बढ़ाने के पक्ष में थे जबकि कुछ राज्यों ने ग्रीन जोन के रूप में चिह्नित जिलों में छूट देने की सलाह दी.

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बता दें, ग्रीन जोन में उन जिलों को रखा गया है जहां पर गत 28 दिनों से कोई मामला सामने नहीं आया हैं. हालांकि सभी मुख्यमंत्री इस पर सहमत थे की लॉकडाउन से बाहर निकलने की प्रक्रिया क्रमबद्ध और सभी एहतियाती उपायों के साथ होनी चाहिए. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने बताया कि शुरुआत में ही लॉकडाउन घोषित करने से हजारों जिंदगियां बची है लेकिन भारत पर COVID-19 का खतरा बना हुआ है. हालांकि सभी इस बात पर सहमत थे कि निरंतर सतर्कता बनाए रखने की जरूरत है.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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