दैनिक भास्कर

Apr 19, 2020, 02:32 PM IST

समय और परिस्थितियां कुछ भी हों, अपनी सेहत से समझौता नहीं करना चाहिए। इसके लिए कसरत करना बेहद जरूरी है। इस समय घर पर नियमित रूप से कोई भी कसरत या योग कर सकते हैं। इससे न केवल स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, बल्कि लॉकडाउन से उपजी परिस्थितियों में आप तनाव से भी मुक्त रह सकेंगे। थोड़ी बहुत कसरत हर उम्र के व्यक्ति को करनी ही चाहिए। अगर आप जििमंग करते थे, तो घर पर भी इसे बिना जिमिंग साधनों के भी जारी रख सकते हैं। सुबह-शाम की सैर पर जाने वाले बुजुर्ग भी यथासंभव अपने घर की छत पर या बालकनी या घर के अंदर ही सैर जारी रखें।

क्यों जरूरी है कसरत?

शरीर की हड्डियां प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन डी से बनी होती हैं। हर दिन हड्डियों की टूट-फूट और मरम्मत होती रहती है। हड्डियों पर कैल्शियम का एब्जॉर्प्शन और डिपोज़िशन होता रहता है। जब हम मांसपेशियों के व्यायाम करते हैं, तो वे मजबूत हो जाती हैं। इससे हड्डियों को भी मजबूती मिलती है। कसरत करने से हड्डियों में प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में पहुंचता है और उनके टूटने की आशंका कम हो जाती है। वहीं दूसरी ओर गतिहीन जीवनशैली से हड्डियों का प्रोटीन और कैल्शियम घुलने लगता है और ऑस्टियोपोरोसिस की आशंका बढ़ती है। इससे खासतौर पर बुजुर्गों में हड्डी टूटने का डर बढ़ सकता है।

घर पर ही रहकर हम क्या-क्या कर सकते हैं?

1. नियमित स्ट्रैचिंग : शरीर की मांसपेशियों में लोच बनी रहे, इसके लिए नियमित तौर पर स्ट्रेचिंग करना बेहद जरूरी है। अगर कसरत नहीं कर पा रहे हैं, तो कम से कम स्ट्रैचिंग के लिए वक्त जरूर निकालना चाहिए। अपनी गर्दन, पीठ, छाती, पेट, साइड, हाथ, पैरों और कूल्हों की मांसपेशियों की स्ट्रैचिंग करें। इसके लिए सामान्य रूप से खड़े होकर धीरे-धीरे एक-एक अंग को जैसे हाथों को सीधा करें, उन्हें क्लॉकवाइज-एंटीक्लॉक वाइज घुमाएं। स्ट्रेचिंग के ढेर सारे तरीके हो सकते हैं। ये तरीके आप यूट्यूब पर या अन्य चैनल्स पर भी खोज सकते हैं।

2. एरोबिक्स करें : एरोबिक में सबसे अच्छा व्यायाम है सैर। यह हार्ट रेट को सामान्य बनाए रखने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह दौड़ की तुलना में बेहतर है, क्योंकि इससे जोड़ों पर दबाव कम पड़ता है। अब सवाल यह उठता है कि लॉकडाउन में सैर करने कहां जाएं? सैर आप अपने घर में ही कर सकते हैं, यहां तक कि एक कमरे में भी कर सकते हैं। सैर करने का मतलब कहीं दूर जाना नहीं, बल्कि अपने पैरों को गतिशील करना है। पीठ के बल लेटकर 10 मिनट तक हवा में साइकिलिंग की जा सकती है। इससे भी जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है और चोट की आशंका कम हो जाती है।

3. स्क्वैट करें : विभिन्न तरीके के स्क्वैट एक्सरसाइज व्यायाम का बहुत अच्छा तरीका है। इसमेंे किसी खास उपकरण की भी जरूरत नहीं पड़ती। इससे शरीर का निचला हिस्सा और कोर स्ट्रेंथ मजबूत होती है। आप कई तरह की स्क्वैट एक्सरसाइज कर सकते हैं। इसे करने का सही तरीका आप यूट्यूब पर देख सकते हैं।

4. प्लैंक : प्लैंक एक्सरसाइज के कई सारे फायदे हैं। महज़ दो मिनट की प्लैंक एक्सरसाइज से वज़न कम करने में मदद मिलती है। यह सिटअप्स और क्रंचेस से भी बेहतर रिजल्ट देती है। प्लैंक 10 तरीकों से की जा सकती है। इसे करने का सही तरीका भी आप यूट्यूब पर देख सकते हैं।

5. योग और प्राणायाम : ये अपने आप में संपूर्ण व्यायाम है। इसमें आप एक साथ स्ट्रैचिंग और मसल बिल्डिंग कर सकते हैं। स्वस्थ रहने के लिए रोज़ाना सूर्य नमस्कार करना ही काफी है। इसके अलावा मंडूकासन, पवनमुक्तासन, मरकटासन, ताड़ासन, पश्चिमोत्तासन, सर्वांगासन जैसे योग कर सकते हैं। प्राणायाम में कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम और प्रणव नाद प्राणायाम तनाव को कम करने में मदद करेंगे।

क्या करें, क्या न करें?

अगर आप स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या किसी तरह की भारी-भरकम कसरत कर रहे हैं, तो बॉडी को वॉर्मअप करना न भूलें। सामान्य एरोबिक्स या योग में वॉर्मअप करने की जरूरत नहीं है। भारी व्यायाम से दो घंटे पहले कुछ न खाएं। तुरंत पहले चाय-काफी भी न पिएं। इन दिनों डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। हां, व्यायाम के बीच में बहुत ज्यादा पानी नहीं पिएं। घर में कसरत के दौरान नियमितता बनाए रखना जरूरी है। बीच में ब्रेक न लें, फोन-मैसेज या बातचीत भी न करें।



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