• जॉर्जिया के ताएबी द्वीप पर बने ‘द सैंड बार’ की मालकिन ने कहा, मैं वहीं करूंगी जो अपनों के लिए जरूरी होगा
  • दीवार से डॉलर को छुड़ाने और स्टेपलर पिन अलग करने में 14 दिन का समय लगा

दैनिक भास्कर

Apr 11, 2020, 02:03 PM IST

जॉर्जिया. लॉकडाउन के बीच जॉर्जिया के ताएबी द्वीप पर बने रेस्तरां आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। ऐसे ही एक रेस्तरां की मालकिन जेनिफर नॉक्स ने अपने बार की दीवारों पर चिपके डॉलर को अपने कर्मचारियों में बतौर सैलरी बांट दिए हैं। मालकिन नॉक्स के मुताबिक, रेस्तरां समुद्र तट के किनारे बना है। हमारी कमाई पर्यटकों से होती है। कोरोना के खौफ के बीच यहां सन्नाटा है। कर्मचारियों को पैसों की सख्त जरूरत है और मैं मजबूर हूं। इसलिए 15 साल से रेस्तरां की दीवार और छत पर संजो कर रखे 3714 डॉलर (2,82,919 रु.) कर्मचारियों को दे दिए।

पर्यटकों पर टिकी द्वीप की अर्थव्यवस्था

मालकिन नॉक्स कहती हैं, मैंने सात साल तक बतौर बारटेंडर काम किया है और अब अपनी मां पाम हेस्लर के साथ ‘द सैंड बार’ रेस्तरां चला रही हूं। कर्मचारियों की मदद के लिए दीवारों पर लगे डॉलर का इस्तेमाल करना जरूरी फैसला था, मैं वहीं करूंगी जो अपनों के लिए जरूरी है। ताएबी द्वीप की आबादी करीब 3000 है और यहां की अर्थव्यवस्था पर्यटकों की आवाजाही पर टिकी है। लॉकडाउन के बीच स्थानीय लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।

डॉलर छुड़ाने में तीन दिन लगे
नॉक्स ने पांच लोगों के साथ मिलकर तीन दिन में दीवारों पर लगे डॉलर छुड़ाए हैं। डॉलर्स पर पिन स्टेपलर पिन लगी थीं इसे अलग करने में 10 से 11 का दिन का समय और लगा। कुल 3,714 डॉलर जुटाए गए इसके बाद एक बारटेंडर ने अपनी सैलरी भी दान कर दी और कुल रकम 4,104 डालर हो गई। नॉक्स छोटे द्वीप के कर्मचारियों को दान देना जारी रखना चाहती हैं, वो लगातार पैसे इकट्ठा करने में जुटी हैं।

कभी शोर और ठहाकों से गूंजता था रेस्तरां

 मालकिन जेनिफर नॉक्स के मुताबिक, कभी यहां संगीत के बीच टूरिस्ट खानपान का आनंद लेते थे आज यह सूना पड़ा है। लॉकडाउन के आदेश के बीच घर से निकलने तक पाबंदी है। इसका सीधा असर यहां के व्यवसाय पर पड़ा है। पता नहीं जिंदगी कब पटरी पर वापस लौटेगी।





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