दैनिक भास्कर

Dec 19, 2019, 01:20 PM IST

हेल्थ डेस्क. सर्दियों में दिल का दौरा पड़ने के लगभग 53 प्रतिशत मामले सुबह के समय होते हैं। सर्दियों की सुबह के तीन घंटे दिल और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भारी पड़ सकते हैं। गर्मियों की तुलना में सर्दियों में हार्ट अटैक के मामले लगभग 25% बढ़ जाते हैं। सर्दियों के मौसम में कोरोनरी आर्टरी डिजीज यानी हार्ट की ब्लड वेसेल्स में थक्का जमने के कारण दिल का दौरा पड़ने के मामले बढ़ जाते हैं। इन्हें सावधानियां बरतकर काफी हद तक रोका जा सकता है। मीनोपॉज से गुजर चुकी महिलाओं की रोगप्रतिरोधी क्षमता कम होने लगती है और ओएस्ट्रोजेन से मिलने वाली सुरक्षा भी खत्म हो जाती है, इसलिए उन्हें भी हार्ट संबंधी रोगों की आशंका हो सकती है। डॉ. हेमंत चतुर्वेदी, हृदय रोग विशेषज्ञ, इटरनल हॉस्पिटल, जयपुर बता रहे हैं इससे कैसे निपटें…

कोरोनरी आर्टरी डिजीज और हार्ट अटैक
हार्ट की ब्लड वेसल्स में ब्लॉकेज की स्थिति को कोरोनरी आर्टरी डिजीज कहा जाता है। इसके कारणों में अत्यधिक वसायुक्त खाने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना और फिर हृदय धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होना शामिल है। इसी तरह हृदय धमनियों में कैल्शियम भी जमा हो सकता है, जिससे दिल को पर्याप्त रक्त की आपूर्ति नहीं हो पाती और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।

कारणों को समझें
सर्दी के मौसम में ठंड हमारे शरीर के सिम्पटथेटिक नर्वस सिस्टम (अनुकंपी तंत्रिकातंत्र) को उत्तेजित कर देती है, इससे हार्ट में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है, धड़कन भी बढ़ जाती है, जिससे हार्ट पर ज्यादा काम का दबाव पड़ता है। अत्यधिक ठंड के कारण हृदय के अलावा मस्तिष्क और शरीर के अन्य अंगों की धमनियां सिकुड़ती हैं। इससे रक्त प्रवाह में रुकावट आती है और रक्त के थक्के (ब्लड क्लॉट) बनने की आशंका बढ़ती है।
अक्सर लोग अत्यधिक सर्दी में रजाई या कंबल में आराम को वरीयता देते हैं। आलस के कारण व्यायाम नहीं करते। खानपान में भी चिकनाईयुक्त खाद्य पदार्थ, नमकीन, चटपटी चीजें ज्यादा खाते हैं। चाय ज्यादा पीते हैं। यानी सर्दियों में हम वह सब करते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। सर्दियों में वायु प्रदूषण भी न केवल फेफड़ों में ऑक्सीजन की मात्रा प्रभावित करता है बल्कि हार्ट की पम्पिंग क्षमता को भी कम कर हार्ट फेलियर का कारण बन सकता है।

सर्दियों में सुबह व्यायाम में बरतें सावधानी
अगर आप हृदय संबंधी समस्या से पीड़ित हैं तो सर्दियों में सुबह की सैर और व्यायाम के दौरान खास ख्याल रखें। इस मौसम में व्यायाम या सैर के दौरान धमनियां सिकुड़ सकती हैं और खून गाढ़ा हो जाता है। इससे ब्लड क्लॉट और फिर हार्ट अटैक की आशंका बढ़ती है। अपने आप को पूरा ढककर सैर के लिए जाएं। ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो दवाएं लगातार लें तथा जो हार्ट के मरीज हैं, उन्हें अपनी ब्लड थिनर (रक्त को पतला करने वाली दवाएं) अवश्य लेनी चाहिए।

ऐसे करें बचाव
ब्लड प्रेशर की नियमित जांच करवाएं। डॉक्टर की सलाह से दवाएं लेते रहें। शाम की दवा सुबह के खतरे कम कर सकती है। अधिक समय तक ठंड के संपर्क में रहने से बचें। वजन न बढ़ने दें। तनाव से दूर रहें। मौसमी फलों और हरी सब्जियां भरपूर मात्रा में खाएं। पर्याप्त पानी पिएं। कम मात्रा में नियमित अंतराल पर भोजन लें। गुनगुनी धूप का आनंद लें लेकिन सिर पर अधिक देर तक धूप न लें। हार्ट के मरीज इमरजेंसी ड्रग्स जैसे एस्पिरिन, नाइट्रो ग्लिसरीन की गोली अपने पास रखें।



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