• अमेरिका की टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का दावा, सामान्य चीनी की तुलना में इसमें मात्र 38% कैलोरी 
  • वैज्ञानिकों ने इसे नाम दिया टैगाटोज, दावा; ट्रायल में नहीं मिले दुष्प्रभाव

दैनिक भास्कर

Nov 27, 2019, 08:25 PM IST

हेल्थ डेस्क. वैज्ञानिकों ने बैक्टीरिया की मदद से फलों और दूध उत्पादों से ऐसी चीनी बनाई है, जिसमें सामान्य चीनी की तुलना में मात्र 38% कैलोरी होती है। इस चीनी को टैगाटोज कहा जाता है। अमेरिका की टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि अब तक इस चीनी से किसी तरह का दुष्प्रभाव सामने नहीं आया है। टैगाटोज को अमेरिका के खाद्य नियामक एफडीए से मंजूरी मिल चुकी है। 

दांतों में कैविटी का खतरा घटेगा

वैज्ञानिकों का कहना है कि चीनी डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए भी फायदेमंद हो सकती है। साथ ही सामान्य चीनी से हटकर इस चीनी के इस्तेमाल से दांतों में कैविटी की आशंका भी नहीं रहती है। टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर निखिल नायर और उनके सहयोगी जोसेफ बोबर ने इस चीनी को बनाने का तरीका खोजा है।

नेचर कम्युनिकेशन जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, इसका बड़े स्तर पर निर्माण शुरू होने में वक्त है लेकिन कुछ समय बाद यह सुपरमार्केट में उपलब्ध हो सकेगी। इसे तैयार करने के लिए खास तरह के एंजाइम का सहारा लिया जाता है और गैलेक्टोज से टैगाजोट तैयार किया जाता है। 50 डिग्री तापमान पर 85 फीसदी तक टैगाटोज तैयार किया जा सकता है।



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