प्रेग्नेंट होने के लिए दिन में कितनी बार करें सेक्स, आज ही जान लें ये बातें

एक अध्ययन के मुताबिक प्रेग्नेंसी का पॉजिटिव रिजल्ट पाने के लिए कपल्स शुरुआत से कम से कम 78 बार सेक्स करते हैं.

स्टडी में पता चला है कि 43 फीसदी लोग कंसीव करने को लेकर प्रेशर फील करते हैं और उन्हें ऐसा करने में भी डर लगता है. कपल्स के लिए प्रेग्नेंट होना कड़ी मेहनत और स्ट्रेस से भरा होता है.

कुछ कपल्स सेक्स के पहले अटेंप्ट में ही प्रेग्नेंट हो जाते हैं जबकि कुछ लोगों को इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ता है लेकिन क्या आपको पता है कि इसके पीछे भी साइंस काम करता है जिसके बाद ही कपल्स प्रेग्नेंट होते हैं. एक नई स्टडी में इसका खुलासा हुआ है. एक अध्ययन के मुताबिक प्रेग्नेंसी का पॉजिटिव रिजल्ट पाने के लिए कपल्स शुरुआत से कम से कम 78 बार सेक्स करते हैं. इसका टाइम पीरियड 6 महीने से लेकर 158 दिन का है. स्टडी के अनुसार 1194 पैरेंट्स का सर्वे किया गया. स्टडी में पाया गया कि कपल्स कंसीव करने के लिए महीने में कम से कम 13 बार सेक्स करते हैं.

कपल्स के लिए प्रेग्नेंट होना कड़ी मेहनत और स्ट्रेस से भरा
हालांकि ये सुनने में काफी अच्छा लगता है लेकिन कई कपल्स प्रेग्नेंट होने के लिए एंग्जाइटी तक के शिकार हो जाते हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार कई लोगों ने कबूल किया कि कंसीव करने के लिए सेक्स करना उनके लिए रोजमर्रा के घर के काम जैसा ही है. स्टडी में पता चला है कि 43 फीसदी लोग कंसीव करने को लेकर प्रेशर फील करते हैं और उन्हें ऐसा करने में भी डर लगता है. कपल्स के लिए प्रेग्नेंट होना कड़ी मेहनत और स्ट्रेस से भरा होता है. इसलिए जब वह बच्चा पैदा करने पर फोकस करने लगते हैं तो वह एक दूसरे से मदद की उम्मीद करते हैं.

ज्यादा सेक्स करने से हेल्दी स्पर्म में कमीवहीं कुछ लोगों का मानना है कि बच्चा पैदा करना सेक्स पॉजीशन पर भी निर्भर करता है. एक तिहाई कपल्स मिशनरी पॉजोशन को सबसे सही मानते हैं. करीब 36 फीसदी कपल्स सेक्स करते वक्त इस पॉजीशन का इस्तेमाल करते हैं. एक्सपर्ट्स की मानें तो कंसीव करने के लिए कपल्स को दिन में सिर्फ एक बार ही सेक्स करना चाहिए. हालांकि कपल्स सोचते हैं कि दिन में कई बार सेक्स करने से प्रेग्नेंट होने के चांस बढ़ते हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. एक्सपर्ट्स के अनुसार ज्यादा सेक्स करने से हेल्दी स्पर्म में कमी आती है. जो कपल्स 2-3 दिन में एक बार सेक्स करते हैं उनमें कंसीव करने की क्षमता सबसे ज्यादा होती है. महिला के लिए कंसीव करना हर दिन बराबर नहीं होता. वह केवल कुछ ही दिन प्रेग्नेंट हो सकती हैं.

शुक्राणु एक महिला के शरीर के अंदर पांच दिन तक जिंदा रहता है
प्रेग्नेंट होने का सही समय ओव्यूलेशन से पांच दिन पहले और ओव्यूलेशन के दिन का है. ओव्यूलेशन के दो दिन बाद और ओव्यूलेशन का दिन कंसीव करने के लिए बिल्कुल सही होता है. इन दिनों सेक्स करने से प्रेग्नेंट होने के चांसेज सबसे ज्यादा होते हैं. ओव्यूलेशन के दौरान अंडाशय एक परिपक्व अंडा रिलीज करता है. यह अंडा गर्भाशय के रास्ते में फैलोपियन ट्यूब तक अपना रास्ता बनाता है. इस समय दिनचर्या पर शुक्राणु सबसे अधिक निषेचित अंडे से मिलते हैं. शुक्राणु एक महिला के शरीर के अंदर लगभग पांच दिन तक जिंदा रह सकता है. इसलिए, जब गर्भ धारण करने की कोशिश कर रहे हों, तो आपका लक्ष्य यह होना चाहिए कि जब आप ओव्युलेट करते हैं, तो आपके फैलोपियन ट्यूब में जीवित शुक्राणु हों.

14 दिन के आसपास ओव्यूलेट करेंगे
आप एक एप का उपयोग कर सकते हैं या अपने पीरियड साइकिल को चिह्नित करते हुए एक कैलेंडर रख सकते हैं. प्रत्येक साइकिल आपके पीरियड्स के पहले दिन से शुरू होता है और आपकी अगली अवधि शुरू होने से एक दिन पहले समाप्त होता है. अपने पीरियड के मध्य बिंदु की तलाश करें. यदि आपके पास 28 दिन का साइकिल है, तो आप 14 दिन के आसपास ओव्यूलेट करेंगे.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: May 5, 2020, 6:12 AM IST





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