•  यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज का खुलासा, श्रीनगर का आतंकी इस्लामाबाद में नाम बदलकर रह रहा था 
  •  हाल ही में पाकिस्तान ने टेरर वॉच लिस्ट से मुंबई हमले के मास्टरमाइंड समेत कई आतंकियों के नाम हटाए थे

दैनिक भास्कर

Apr 25, 2020, 03:26 PM IST

एम्सटर्डम. यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (ईएफएसएएस) के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पड़ोसी देशों में आतंकी भेज रही है। इसी थिंक टैंक ने कुछ दिन पहले खुलासा किया था कि काबुल में पिछले दिनों हुए गुरुद्वारे हमले में भी आईएसआई का ही हाथ था। अफगानिस्तान की सिक्योरिटी एजेंसी एनडीएस ने हमले के आरोप में अब्दुल्ला ओरकजई उर्फ असलम फारुकी को 19 साथियों के साथ गिरफ्तार किया था। 

फारुकी आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल का सरगना है। एनडीएस के मुताबिक, वो पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में रह रहा है। फारुकी के साथ गिरफ्तार एक आतंकी ने पूछताछ में नाम गलत बताकर जांच एजेंसी को गुमराह करने की कोशिश की थी।

फारुकी के आईएसआई से संबंध

एनडीएस ने बताया कि फारुकी के हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-तैयबा से गहरे रिश्ते हैं। पूछताछ में उसने माना कि क्षेत्रीय खुफिया एजेंसी से भी उसके संबंध हैं। इसका सीधा मतलब आईएसआई से था। हक्कानी नेटवर्क और आईएसआई के रिश्ते कई बार सार्वजनिक हो चुके हैं।  

सही नाम तक नहीं बताया
ईएफएसएएस नेे आतंकियों के कश्मीर कनेक्शन पर भी बड़ा खुलासा किया। इसके मुताबिक, फारुकी के साथ अली मोहम्मद नाम का आतंकी पकड़ा गया। वो इस्लामाबाद में रहता है।

कड़ाई से पूछताछ में इसने अपना सही नाम एजाज अहमद अहंगर बताया। वो मूल रूप से श्रीनगर का रहने वाला है। वहां आईएस आतंकियों की भर्ती करता था। एजाज अलकायदा के लिए भी काम कर चुका है। श्रीनगर में उसे 1990 में गिरफ्तार किया गया था। छूटने के बाद वो पहले बांग्लादेश फिर पाकिस्तान चला गया। 

आईएसआई ने दी पनाह

एजाज जब पाकिस्तान पहुंचा तो आईएसआई ने उसे इस्लामाबाद में ठहराया। इसके बाद खैबर पख्तूनख्वा के मीरनशाह भेज दिया। यह क्षेत्र अफगानिस्तान से लगा हुआ है। यहां वो आईएसजेके के लिए काम करने लगा। रिपोर्ट के मुताबिक, 1990 में जब अफगानिस्तान से सोवियत सेनाएं चली गईं तब पाकिस्तान ने तमाम आतंकियों को अफगानिस्तान से जम्मू-कश्मीर भेज दिया। लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना और भारत में उसकी आतंकी गतिविधियां इसके उदाहरण हैं।

एक-एक आतंकी के संपर्क में है पाकिस्तान
यूरोपियन थिंक टैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, एजाज की गिरफ्तारी से साबित होता है कि पाकिस्तान की हर आतंकी पर पकड़ है। वो सिर्फ आतंकी संगठनों को ही नहीं, एक-एक आतंकी को आदेश देता है। यही वजह है कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) जैसे वॉचडॉग पाकिस्तान की बहुत पैनी निगरानी नहीं कर पाते। 

टेरर वॉच लिस्ट से आतंकियों के नाम हटाए
हाल ही में न्यूयॉर्क की एक रेग्युलेटरी टेक्नोलॉजी कंपनी ‘कस्टेलम. एआई’ ने खुलासा किया था कि पाकिस्तान ने अपनी टेटर वॉच लिस्ट से हजारों आतंकियों के नाम हटा दिए हैं। इसमें मुंबई हमले का मास्टर माइंड और लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी भी शामिल था। इस रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 में पाकिस्तान की टेरर वॉच लिस्ट में 7600 आतंकियों के नाम थे। 18 महीनों में ये घटकर 3800 हो गए हैं। मार्च की शुरुआत से अब तक करीब 1800 नाम हटाए जा चुके हैं। इन नामों को हटाने की वजह भी नहीं बताई गई। 



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