आज हमारे सामने सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि कोरोना से किस तरह लड़ कर उसे हराया जा सकता है।

भविष्य में क्या होगा, यह कोई नहीं जानता लेकिन ज्योतिष एक ऐसी विधा है जो भविष्य का अंदाजा लगाने में कुछ हद तक सहायता कर सकती है। इस समय पूरा विश्व कोरोना वायरस से पीड़ित है। हजारों लोगों की इसके कारण मृत्यु हो चुकी है और लाखों अभी भी संक्रमित अवस्था में आइसोलेशन में रखे गए हैं। ऐसे में मानवजाति के सामने सहज ही यह प्रश्न उठ रहा है कि इस महामारी से मुक्ति कब तक मिलेगी।

जयपुर की ज्योतिषी ने की भविष्यवाणी
इस प्रश्न का उत्तर पाने के लिए हमने जयपुर की प्रख्यात ज्योतिषी हिमानी “अज्ञानी” से बात की तो उन्होंने बताया कि विष (अथवा वायरस, बैक्टिरिया आदि) के कारण उत्पन्न होने वाली बीमारियों के मूल में राहु होता है। यह जब अपनी प्रबल अवस्था में आता है तो किसी न किसी महामारी का फैलाव करता है। राहु इस समय स्वयं के नक्षत्र आद्रा में विराजमान है। इसी से कोरोना वायरस अत्यधिक घातक हो गया है और कुछ ही सप्ताह की अवधि में चीन के बाहर निकलकर एक देश से दूसरे देश में होता हुआ पूरे विश्व में फैल गया। राहु 20 मई तक इसी नक्षत्र में रहेगा इसके बाद वह नक्षत्र परिवर्तन कर मृगशिरा में प्रवेश करेगा जिसके बाद स्थितियों में काफी सुधार होने लगेगा और पूरे विश्व से बीमारी पर कंट्रोल होने की खबरें आने लगेंगी।

सूर्य करेगा कोरोना के विरूद्ध सहायता
हिमानी के अनुसार किसी भी विष या विषजनित बीमारी से लड़ने के लिए शरीर की इम्यूनिटी अच्छी होनी चाहिए। व्यक्ति में आत्मबल होना चाहिए और आत्मबल का कारक है सूर्य जो इस समय मीन राशि में है। वेदों में हमारी आत्मा का कारक सूर्य है जो मीन राशि में है। सूर्य 13 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश कर उच्च का हो जाएगा तो उस समय लोगों की इम्यूनिटी पॉवर मजबूत होगी। इसके प्रभाव से दुनिया भर की सरकारों द्वारा किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर मिलना आरंभ हो जाएगा और 13 अप्रैल से मानव जाति पर से कोरोना का प्रभाव कम होने लगेगा परन्तु पूर्ण राहत 20 मई के बाद प्राप्त होगी। मंगल ने अपनी उच्च राशि में प्रवेश कर लिया है और शनि के साथ भी युति बना रहा है अतः कोरोना के जाने के बाद भी विश्व को किसी न किसी बड़ी विध्वंसात्मक घटना का सामना करना पड़ेगा।









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