• उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग की जयंती पर देश में सबसे बड़ा कार्यक्रम होता है
  • दुनियाभर के विशेषज्ञों का कहना है कि किम उत्तर कोरिया को नार्मल देश बताने की कोशिश कर रहे

दैनिक भास्कर

Apr 16, 2020, 03:34 PM IST

सियोल. उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के दादा किम इल सुंग की जयंती बुधवार को मनाई गई, हालांकि, पहली बार किम जोंग उन इस समारोह में शामिल नहीं हुए। दुनियाभर में किम के इस कदम को लेकर कई अनुमान लगाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों कहना है कि वे यह साबित करना चाहते हैं कि उनका महत्व विरासत से ज्यादा है। साथ ही वे पारंपरिक कार्यक्रमों में हिस्सा न लेकर खुद को मॉडर्न भी साबित करना चाहते हैं। किम दिखना चाहते हैं कि वे अपने पूर्वजों की तरह नहीं हैं। 

15 अप्रैल को उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग की जयंती मनाई जाती है। यह उत्तर कोरिया का सबसे महत्वपूर्ण समारोह है। इस दिन को ‘डे ऑफ सन’ के नाम से भी जाना जाता है। उत्तर कोरिया के लोगों को जन्म से ही किम इल सुंग और उनके बेटे किम जोंग इल का सम्मान करना सिखाया जाता है। न्यूज एजेंसी केसीएन ने गुरुवार को कुमसुसन पैलेस में किम इल सुंग को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों की लिस्ट में किम जोंग उन का नाम न होने की जानकारी दी। उत्तर कोरिया के अखबार में ‘रोडोंग सिनमुन’ में समारोह से जुड़ी तस्वीरें छापी गई हैं। इसमें भी किम की समारोह में मौजूदगी की तस्वीर नहीं दिखी है। हालांकि, वहां पर किम के नाम का फूलों का गुलदस्ता मौजूद था। 2011 में सत्ता में आने के बाद किम हमेशा से इस मौके पर  श्रद्धांजलि अर्पित करने जाते रहे हैं।

अमेरिकी विशेषज्ञ ने कहा- किम नया ढोंग कर रहे

अमेरिकी सरकार के पूर्व उत्तर कोरिया विशेषज्ञ रचेल ली ने कहा, ‘‘किम जोंग उन एक नया ढोंग रच रहे हैं कि वह अपने दादा और पिता की विरासत से दूरी बनाकर चल रहे हैं। इसके जरिये वह अपनी उपलब्धियों को अधिक महत्व देना चाहते हैं।’’ सियोल में रह रहे उत्तर कोरिया से भागकर आए एन चन-इल ने बताया, ‘‘किम जोंग उन पारंपरिक कार्यक्रमों और अतीत के दोनों नेताओं से खुद को अलग साबित करना चाहते हैं। वे दिखाना चाहते हैं कि किम जोंग इल और किम इल सुंग का समय चला गया । वे उत्तर कोरिया को एक सामान्य देश के रूप में दिखाना चाहते हैं, इसलिए अपने दिवंगत नेताओं को कम महत्व दे रहे हैं।’’ 

दादा की छवि दिखाने का दिखावा होता रहा है
हालांकि, इससे पहले उत्तर कोरिया में सत्तारूढ़ पार्टी की ओर से यह दिखावा किया जाता रहा है कि किम बिल्कुल अपने महान दादा किम इल सुंग की तरह हैं। वह दिखने में, व्यवहार से बिल्कुल उन जैसे हैं। यहां तक की उनकी हैंड राइटिंग भी अपने दादा से बिल्कुल मिलती है। 

किम के कार्यकाल में चार परमाणु परीक्षण हुए
उत्तर कोरिया में अभी तक छह परमाणु परीक्षण हुए हैं, इसमें चार किम जोंग उन के कार्यकाल में ही हुए हैं। इसके साथ ही उत्तर कोरिया में ऐसी मिसाइलें विकसित की जा रही हैं, जिनकी पहुंच पूरे अमेरिका तक है। इसके चलते यूएन की सिक्युरिटी काउंसिल की ओर से उत्तर कोरिया पर कई प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। इसके साथ ही उत्तर कोरिया और अमेरिका से रिश्तों में नरमी लाने के लिए 2018 से किम डोनाल्ड ट्रंप और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के साथ कई बैठकें भी कर चुके हैं। 



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here