अगर आप अंग्रेजी भाषा पर पकड़ बनाना चाहते हैं तो आपको खास तरीकों को अपनाना चाहिए। जानते हैं इनके बारे में-

दुनिया का हर पांचवां व्यक्ति अपने संवाद के माध्यम के रूप में अंग्रेजी का इस्तेमाल करता है। पूरी दुनिया में इंग्लिश एक लिंगुआ फ्रांका के रूप में प्रयोग में लाई जाती है। इसका अर्थ है कि यह भाषा विभिन्न मातृभाषाओं वाले लोगों के मध्य संवाद की सबसे सामान्य भाषा है। दुनिया में संयुक्त राज्य अमरीका के बाद भारत अंग्रेजी बोलने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है। यह भाषा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण योग्यता मानी जाती है। मौजूदा दौर में इंग्लिश भाषा को सीखना अनिवार्य हो गया है। जब इंग्लिश में महारत प्राप्त करने का प्रश्न उठता है तो इसमें बिना किसी व्याकरण की अशुद्धि के अंग्रेजी लिखना और धाराप्रवाह बोलना भी शामिल है।

शब्द शक्ति जरूरी है
शब्दों की कमी के कारण हम अपने विचारों को प्रकट करने में विफल रहते हैं। आपके पास जितने अधिक शब्दों का भंडार होगा, उतनी ही तेजी से आप इस भाषा को बोल सकते हैं। लिहाजा आपको इंग्लिश के शब्दों को सीखते रहना चाहिए ताकि हम इसमें समृद्ध बन पाएं। इंग्लिश वोकेब्यूलरी को अच्छा बनाने का कार्य आसान नहीं है। इसके लिए निरंतर अभ्यास की जरूरत होती है।

धैर्य से करें कठिनाईयों का सामना
अमरीकी बास्केटबॉल प्लेयर माइकल जॉर्डन ने कहा था, ‘मैंने अपने खेल कॅरियर में 9000 से भी अधिक शॉट्स गंवाए हैं। मैंने 300 से भी अधिक गेम्स में हार का सामना किया है। मैंने 26 बार ऐसे शॉट्स मिस किए हैं, जिनके बारे में मुझे भरोसा था कि मैं निश्चित रूप से जीतूंगा। मैं अपने जीवन बार-बार विफल रहा हूं और यही कारण है कि मैं सफल हो पाया हूं।’ इस कहानी से पता लगता है कि कामयाबी के लिए विफलता का धैर्यपूर्वक सामना करना जरूरी है। यदि आप अंग्रेजी सीखने में विफल हो जाएं तो खुद को अयोग्य समझने की भूल नहीं करें। खुद की योग्यता में अटूट विश्वास और सीखने की ललक आपको सफल बनाएगी।

आत्मविश्वास और लगन बनाए रखें
हम भले ही बहुत कुछ जानते हों परन्तु कई बार आत्मविश्वास की कमी होने के कारण ऐसी त्रुटियां कर जाते हैं तो गलत असर डालती है। आप अपने आप पर विश्वास करें और पूरी लगन के साथ मन लगाकर सीखते रहें।

अंग्रेजी बोलने व लिखने का अभ्यास करें
अभ्यास से आदमी पूर्ण बनता है और यह बात इंग्लिश सीखने पर भी सौ फीसदी लागू होती है। व्याकरण के ज्ञान और अच्छे शब्द भंडार से अंग्रेजी पर पकड़ बना सकते हैं। साथ ही आपको अंग्रेजी बोलने और लिखने का अभ्यास करना चाहिए। आपको गलतियां करने से डरना नहीं है। गलतियों के रास्ते से ही इंसान सफलता की राह पर आगे बढ़ सकता है। प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक अर्नेस्ट हेमिंग्वे ने एक बार इंग्लिश लेखन कला के बारे में कहा था, ‘हम सभी उस कला के नौसिखिए हैं, जिसमें कोई भी कभी भी निपुण नहीं होता है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हमें आत्मसुधार के लिए प्रयास करना ही छोड़ देना चाहिए। हमें कोशिश जरूर करनी चाहिए।

वर्ड पावर समृद्ध करें
आपके पास अच्छी डिक्शनरी जरूर होनी चाहिए। लॉन्गमैन, कॉलिंस कोबिल्ड, ऑक्सफोर्ड, वेबस्टर्स और कैंब्रिज की डिक्शनरीज अच्छी मानी जाती हैं। प्रैक्टिकल शब्दों की अच्छी नोटबुक तैयार करें। डिक्शनरी से क्रियाओं को चुनकर संग्रह कर लें और उनका नियमित दोहराते रहें।

पढऩे की आदत डाले
ज्ञान के विकास के लिए निरंतर पढऩे की आदत विकसित करें। अंग्रेजी सीखने के लिए विभिन्न विषयों की पुस्तकों को पढ़ें। ऐसा करने से वर्ड पावर के साथ विचार का भी विकास होता है। इंग्लिश नॉवेल और मैगजीन्स पढ़ते रहें।

व्याकरण को जानें
व्याकरण के आधारभूत नियमों के ज्ञान के बिना किसी भाषा पर मास्टरी संभव नहीं है। इंग्लिश व्याकरण में आधारभूत ज्ञान के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण चार चैप्टर्स ये हैं – टेंस, पार्ट्स ऑफ स्पीच, सिंटेक्स और पंक्चुएशन। इन चैप्टर्स को पढ़ लेने पर इंग्लिश सीखने की तैयारी का आधा सफर पूरा हो जाता है।

कठिन शब्दों का अर्थ समझें
शब्दकोष में फ्रेजल वब्र्स, फॉरेन वड्र्स, लिटरेरी टम्र्स और अन्य तकनीकी शब्दों की भी भरमार होती है। इन सभी शब्दों को निरंतर सीखते रहने से शब्दों का ज्ञान बढ़ता जाता है और अंग्रेजी सीखना आसान होता जाता है।











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