Mother's Day: मां जैसी टीचर और कोई नहीं हो सकती, CDO आईएएस निधि गुप्ता वत्स ने बताया मां का असली काम

उत्तर प्रदेश के हरदोई की चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर (CDO) आईएएस निधि गुप्ता वत्स.

वर्किंग मदर (Working Mother) को एक अच्छी मां बनने के लिए टाइम मैनेजमेंट (Time Management) का पूरा ध्यान रखना पड़ता है. कितना टाइम ऑफिस को देना है और कितना बच्चों को इस बात का पूरा ख्याल रखें.

मां न केवल अपने बच्चे के लिए पहली गुरु होती है बल्कि पहला दोस्त भी होती है. मां जैसा प्यार इस दुनिया में और कोई नहीं कर सकता है. इस मदर्स डे (Mother’s Day) पर आप भी वादा करें कि अपने मां को गिफ्ट के तौर पर ढेर सारा प्यार और सम्मान दें. मदर्स डे (Mother’s Day) के मौके पर इस बार न्यूज 18 हिंदी की टीम ने उत्तर प्रदेश के हरदोई की चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर (CDO) आईएएस निधि गुप्ता वत्स से बात की और उनसे जाना कि कैसे वह अपने काम और 2 साल की छोटी बच्ची को संभालती हैं. कैसे वह दोनों को अपना पूरा समय दे पाती हैं. वह उन सभी वर्किंग मदर्स (Working Mothers) के लिए एक मिसाल हैं जो बच्चे, पति और परिवार के साथ साथ काम को भी अच्छी तरह से मैनेज कर लेती हैं. आइए जानते हैं क्या कहा उन्होंने.

टाइम मैनेजमेंट का ख्याल रखना
आईएएस निधि गुप्ता वत्स का मानना है कि वर्किंग मदर को एक अच्छी मां बनने के लिए टाइम मैनेजमेंट का पूरा ध्यान रखना पड़ता है. कितना टाइम ऑफिस को देना है और कितना बच्चों को इस बात का पूरा ख्याल रखें. बच्चों के साथ साथ परिवार और पति को मैनेज करना भी जरूरी होता है. सभी चीजों को समय पर करने के लिए टाइम मैनेजमेंट का ख्याल रखना ही पड़ता है. उन्होंने बताया कि टाइम मैनेज कर लेने से प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ को अलग रख पाना आसान हो जाता है. ऐसा करने से आपकी लाइफ काफी आसान हो जाती है और खुशी से कटती है. इसके अलावा उन्होंने बताया कि बच्चों को सिर्फ टाइम देना ही जरूरी नहीं होता बल्कि क्वालिटी टाइम देना जरूरी होता है.

बच्चों की बातों को सुनना और उन्हें सही से समझनाबच्चे अपनी मां से एक ऐसे टाइम की अपेक्षा करते हैं जो उन्हें और कोई नहीं दे सकता. इसलिए बच्चों के साथ जितना भी समय बिताएं वह बहुत अच्छा होना चाहिए. इसके लिए जरूरी है कि आप उनके समय में उनके साथ खेलें, उनके क्रिएटिव वर्क जैसे पेंटिंग, डांसिंग, सिंगिंग में उनका साथ दें. इसके अलावा उनकी बातों को मन से सुनें, उन्हें समझने की कोशिश करें और जरूरी सलाह भी दें. छोटे बच्चे अक्सर अपनी ढेर सारी बातें मां के साथ शेयर करते हैं . ऐसे में एक आदर्श और अच्छी मां बनने के लिए बच्चों की बातों को सुनना और उन्हें सही से समझना भी बहुत जरूरी होता है.

एक्टिविटीज का हिस्सा जरूर बनें
सीडीओ निधि गुप्ता ने बताया कि छोटे बच्चों के साथ खेलना और बाते करना बहुत जरूरी होता है. वर्किंग मदर का काफी सारा समय घर से बाहर व्यतीत होता है ऐसे में जब आप घर पर बच्चों के साथ होते हैं तो उनकी एक्टिविटीज का हिस्सा जरूर बनें. उनके साथ जमकर खेलें और बातें करें. बच्चों को मां के साथ बाते करना और खेलना बहुत अच्छा लगता है. उन्होंने कहा कि कई वर्किंग मदर्स होती हैं तो काम पर जाकर इतन थक जाती हैं कि बच्चों की केयर के लिए उन्हें क्रेच या फिर किसी मेड के हाथों में सौंप देती हैं लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. इससे बच्चों और पैरेंट्स के बीच का लगाव खत्म होने लगता है. मां के पास कितना भी वर्क प्रेशर हो लेकिन अपने बच्चे को समय देना बहुत जरूरी होता है.

मां से बेस्ट टीचर और कोई नहीं 
उन्होंने साफ कहा कि बच्चों के लिए मां से बेस्ट टीचर और कोई नहीं हो सकती. बच्चों को मां जैसी शिक्षा इस दुनिया में और कोई नहीं दे सकता. वह उन्हें संस्कार से लेकर परंपरा तक का ज्ञान देती हैं. उन्हें अनुशासन में रहना सिखती हैं. साथ ही लोगों को सम्मान देना और प्यार करना भी सिखाती हैं. इस मदर्स डे पर आईएएस निधि गुप्ता ने हर मां को यह संदेश दिया कि जितना हो सके अपने बच्चे को जरूर समय दें क्योंकि उसे एक अच्छा इंसान बनाने के लिए आपकी सबसे ज्यादा जरूरत है. एक बच्चे को उसकी मां ही सबसे ज्यादा समझ सकती है. बच्चों को खूब प्यार करें और अच्छी शिक्षा दें.

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First published: May 6, 2020, 12:02 PM IST





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