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Plasma Therapy For Coronavirus COVID-19 In India; Platelet-Rich Plasma (PRP) Questions Answered (Hindi) Updated | गर्म पानी से गरारा करने पर गले का तापमान बढ़ता है और आराम मिलता है लेकिन इसका वायरस पर असर दिखने के प्रमाण नहीं


  • बहुत लोग सोचते हैं हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन खा लेंगे तो सुरक्षित रहेंगे लेकिन ऐसा नहीं है, इसे डॉक्टरी सलाह से ही लें
  • भारत में चीन और इटली जैसे हालात न बनें, इसलिए लॉकडाउन का पालन जरूर करें और लक्ष्मण रेखा न लांघें

दैनिक भास्कर

Apr 22, 2020, 04:44 PM IST

नई दिल्ली. लॉकडाउन अभी भी कितना जरूरी है, प्लाज्मा थैरेपी का प्रयोग कितना सफल रहा और हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन का इस्तेमाल कौन कर सकता है, ऐसे कई सवालों के जवाब ऑल इंडिया रेडियो ने जारी किए हैं।

#1) ऐसे लोग जो जरूरी सेवाओं में हैं वे हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन ले सकते हैं?
नहीं, यह दवा केवल मरीजों के लिए और उनके लिए है जो कोरोना से संक्रमित लोगों के सम्पर्क आते हैं। यह दवा हर किसी के लिए नहीं है। बिना डॉक्टरी सलाह इसका प्रयोग किसी को नहीं करना है। बहुत से लोग सोचते हैं हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन खा लेंगे तो सुरक्षित रहेंगे लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आप मरीजों के सम्पर्क में हैं या उनकी सेवा करते हैं तो भी डॉक्टरी सलाह से इसका सेवन करें।

#2) सैनेटाइजर कितनी मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए?
आमतौर पर सैनेटाइजर उतना ही लें जितना आपकी हथेली, उंगुलियों और हथेली के पिछले हिस्से को आसानी से साफ कर सकें। पर्याप्त समय यानी 10 से 20 सेकंड तक मल सकें।

#2) लॉकडाउन के साथ-साथ मरीजों की संख्या बढ़ रही है, इसका क्या कारण है?
महामारी एक सुनामी की तरह आती है। विकसित देशों में देखिए कितनी मौते हो रही हैं। एक महीने में हमारे यहां 500 मौत हुईं लेकिन अमेरिका में रोजाना 2000 मौत हुईं। अपने देश में कोरोना के रोजाना 800 से 1000 नए मामले आ रहे हैं। इसकी तुलना अगर दूसरे देशों से की जाए तो निष्कर्श निकलता है कि लॉकडाउन सफल रहा है।

#3) लॉकडाउन अभी भी कितना जरूरी है?
कोई भी महामारी जब आती है तो सिर्फ मरीजों को ही नहीं बढ़ाती बल्कि सारी व्यवस्था को खराब करती है। कोरोनावायरस तेजी से फैलने वाली महामारी है। इससे सभी को बचाने के लिए सरकार ने कड़ा निर्णय लिया है ताकि हमारे देश के हालात चीन और इटली जैसे न हों। इसलिए लक्ष्मण रेखा को पार न करें।

हमेशा लोगों की भीड़ से गुलजार रहने वाली मुम्बई की मरीन ड्राइव पर सन्नाटा पसरा है, कोरोना के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से सामने आए हैं।

#4) क्या इस समय गर्म पानी और हल्दी-दूध पीना सही रहेगा?
कई चीजों को हम ट्रेडिशनल मेडिसिन की तरह मानते चले आ रहे हैं। हम गर्म पानी से गरारा करते हैं तो गले का तापमान बढ़ता है और आराम मिलता है। हो सकता है इसका असर वायरस पर पड़ता हो लेकिन इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है। फिलहाल गर्म पानी का प्रयोग करना अच्छा है। हल्दी का प्रयोग भी कर सकते हैं।

#5) प्लाज्मा थैरेपी का प्रयोग कितना सफल रहा है?
प्लाज्मा थैरेपी में कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों के रक्त से वायरस से संक्रमित नए मरीजों का इलाज किया जाता है। इस थैरेपी का प्रयोग चीन, फ्रांस और अमेरिका में किया गया है। भारत में भी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने इस प्रयोग को मंजूरी दी है लेकिन अभी प्रयोग पूरा नहीं हुआ है।

#6) मास्क को डिस्पोज कैसे करें?
आप अस्पताल में प्रयोग किए जाने वाले सर्जिकल मास्क या एन-95 इस्तेमाल कर रहे हैं तो प्रयोग के बाद इसे नष्ट कर दीजिए। डिस्पोजेबल मास्क को इधर-उधर न फेंके। उसे जला दें या नगर निगम के कूड़ेदान में फेंके। मास्क का घर का बना है तो उसे धोकर दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं।



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