तेजस्वी यादव ने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देकर नीतीश कुमार पर कसा तंज, पूछा- क्या बिहार के सीएम इस नए प्रदेश से सीखेंगे

तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश से पूछा सवाल

नई दिल्ली:

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने राजस्थान के कोटा में फंसे बिहार के छात्रों को लेकर नीतीश सरकार का एक बार फिर घेराव किया. अपने ट्विटर के माध्यम से नीतीश सरकार पर हमलावर रुख रखते हुए तेजस्वी यादव ने छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री ऑफिस का एक वीडियो शेयर किया और सवाल दागते हुए पूछा, क्या बिहार के मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ जैसे नए प्रदेश से कुछ सीख सकते हैं. इस ट्वीट में छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री दफ्तर द्वारा यह जानकारी दी गई है कि कोटा में फंसे छत्तीसगढ़ के 2247 छात्रों को 82 बसों के माध्यम से वापस लाया जा रहा है. 

बता दें कि बिहार के कुछ छात्र राजस्थान के कोटा में अभी भी फंसे हुए हैं, जिसको लेकर नीतीश कुमार लगातार सवालों के घेरे में हैं. इन सवालों को देखते हुए नीतीश कुमार ने इस मुद्दे को पीएम मोदी के साथ हुई ऑनलाइन बैठक में भी उठाया था. राजस्‍थान के कोटा शहर में कोचिंग करने वाले बच्‍चों को कुछ राज्‍यों द्वारा निकालने के मुद्दे पर नीतीश कुमार ने कहा, क्या पांच लोग सड़क पर आकर मांग करने लगेंगे तो सरकार झुक जाएगी? क्या सरकार ऐसे काम करती है? उन्होंने कहा कि ये सब संपन्न परिवारों के बच्चे हैं उनको वहां क्या दिक्कत है? दस हजा़र बच्चों को उठा लाए. इससे बाकी राज्यों पर दबाव आ रहा है और राजस्थान की अर्थव्यवस्था को भी नुक़सान हो रहा है. नीतीश कुमार ने कहा कि इस मामले में एक नीति होना चाहिए. 

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के कारण राजस्‍थान के कोटा में कोचिंग के लिए पहुंचे (Kota students Issue) कई राज्‍यों के स्‍टूडेंट्स फंस गए हैं. कुछ राज्‍यों ने विशेष बसें भेजकर अपने स्‍टूडेंट्स को वापस बुलाया है. हालांकि इस दौरान सोशल डिस्‍टेंसिंग का सही ढंग से पालन नहीं हो पाने के कारण कोरोना का संक्रमण बढ़ने की आशंका भी कई स्‍तर पर उठाई जा चुकी है. बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार कोरोना की महामारी के बीच कुछ राज्‍यों द्वारा स्‍टूडेंट्स को इस तरह बुलाने का विरोध कर चुके हैं. जब यूपी ने कोटा से अपने छात्रों को बस से बुलाने का फैसला किया था तो नीतीश ने इस कदम को “लॉकडाउन के साथ अन्याय” बताया था. बिहार के सीएम ने यह भी कहा, ‘हमारे पास एक जैसी नीति होनी चाहिए. छात्र हर जगह हैं. बात केवल छात्रों के बारे में भी नहीं है, आपको फंसे हुए प्रवासी मजदूरों के बारे में सोचना है लेकिन जब एक राज्‍य से दूसरे राज्‍य की यात्रा पर प्रतिबंध लगा है तो आप कैसे इसकी (छात्रों को लाने की) इजाजत दे सकते हैं?’ 





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