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To relieve stress and loneliness, listen to and tell stories to children, learn stories and lessons from elders about their difficult times | तनाव और अकेलापन दूर करने के लिए बच्चों से कहानियां सुनें और सुनाएं, बुजुर्गों से उनके कठिन दौर के किस्से और सबक जानें


  • लॉकडाउन के बीच सबसे ज्यादा बुजुर्ग और बच्चों का ध्यान रखने की जरूरत
  • समय-समय घर के बुजुर्ग का ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को चेक करते रहें

दैनिक भास्कर

Apr 19, 2020, 12:22 PM IST

लॉकडाउन के बीच सबसे ज्यादा बुजुर्ग और बच्चे अकेलापन महसूस कर रहे हैं। यह समय जितना धैर्य के साथ कोरोनावायरस से बचाव का है उतना ही अपनों के साथ बैठकर समय को यादगार बनाने का है। ऐसे में परिवार के हर सदस्यों के साथ बैठें ताकि उनका तनाव दूर हो और हर किसी के मन की बात साझा हो सके। सायकोलॉजिस्ट अनामिका पापड़ीवाल से जानिए इस दौरान किन बातों का ध्यान रखें….

बच्चों की कहानियां भी सुनें

5 बातें : यूं रखें बच्चों का ध्यान

  • थोड़ा समय बच्चों को दें। उनके साथ खेलें, उनसे कहानियां सुनें भी और सुनाएं भी। जिस तरह आप अपनी नानी-दादी से सुनते थे। वे बहुत कुछ अपने पेरेंट्स से कहना चाहते हैं सभी व्यस्त होने के कारण बोल नहीं पाते। उन्हें नई-नई एक्टिविटी में बिजी रखें जैसे पेंटिंग और ब्रेन गेम्स।
  • स्ट्रेस होने पर बच्चों में अलग-अलग लक्षण दिखते हैं। जैसे बहुत ज्यादा गुस्सा करना, बिस्तर पर पेशाब करना, परेशान दिखना, खुद को हर चीज से अलग कर लेना। ऐसे बदलाव दिखने पर पेरेंट्स को अलर्ट होने की जरूरत है।
  • ऐसी स्थिति में उनकी हर बात को ध्यान से सुनें। समय-समय पर उनसे बात करते रहें और उनके हर सवाल का जवाब प्यार और धैर्य के साथ दें। संभव हो तो उनके साथ समय बिताएं और इंडोर गेम्स खेलें।
  • कोशिश करें कि ऐसी स्थिति में बच्चे पेरेंट्स या घर के मेंबर के साथ ही रहें या केयरटेकर मौजूद हो तो वह इनका खास ध्यान रखें।
  • अगर बच्चे से दूर हैं तो उनसे कनेक्ट रहें। कुछ घंटों के अंतराल पर उनसे फोन पर बातचीत करते रहें। जितना हो सके, उन्हें सामान्य माहौल जैसा ही महसूस कराएं। उनके मन में डर का माहौल न बनने दें।

5 टिप्स : बुजुर्गों को अकेला न महसूस होने दें

  • समय निकालकर घर के बुजुर्गों के साथ भी बैठें। वो क्या कहना चाह रहे हैं, उसे सुनें। इस तरह उन्हें तनाव की स्थिति से बचाया जा सकता है।
  • घर के छोटे-छोटे कामों में उनको शामिल करें। उनकी राय लें, इससे उन्हें अकेलापन महसूस नहीं होगा।
  • बुजुर्गों से उनके कठिन दौर के किस्से-कहानियां साझा करने के लिए कहें। उनसे पूछें जब वो बुरी स्थिति से गुजर रहे थे तो कैसे सामना किया था।
  • घर में ऐसे इंडोर गेम्स (लूडो, कैरम) खेलें जिसमें बच्चों के साथ उन्हें भी शामिल करें। इस तरह उन्हें बेहतर महसूस कराया जा सकता है।
  • सबसे जरूरी उनकी सेहत का ध्यान रखें। ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को समय-समय पर चेक करते रहें।



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