• पुलिस रोबोट लोगों के जवाब से संतुष्ट होने पर ही उन्हें छोड़ता है, लॉकडाउन की हर खबर कंट्रोम रूम तक पहुंचाता है 
  • रोबोट में लगा कैमरा लॉकडाउन में दिखने लोगों और आईडी प्रूफ की फोटो खींचता है

दैनिक भास्कर

Apr 04, 2020, 09:29 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. ट्यूनीशिया में लोग लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं या नहीं, इसके लिए खास तरह के पुलिस रोबोट की ड्यूटी लगाई गई है। यह रोबोट पेट्रोलिंग करता है और रास्ते में इंसान दिखने पर उनसे सवाल-जवाब भी करता है। उनके जवाबों को सुनता और समझता है, यकीन होने पर ही उन्हें जाने देता है। लॉकडाउन के दौरान दिखने वाले लोगों से पुलिस रोबोट आईडी प्रूफ मांगता है और उसकी फोटो कैमरे में कैद करता है ताकि कंट्रोल रूम में बैठे ऑफिसर इसकी जांच कर सकें।

रोबोट को नाम मिला पी-गार्ड्स
ट्यूनिया में लॉकडाउन का दूसरा हफ्ता चल रहा है, अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी गई है केवल दवाएं और जरूरी चीजों के लिए अनुमति दी गई है। लोगों पर नजर रखने के लिए पुलिस रोबोट को सड़कों पर उतारा गया है। इसे इनोवा रोबोटिक्स कंपनी ने तैयार किया है और नाम दिया है पी-गार्ड्स।

राडार की तरह काम करता है
पूरे देश के लिए कितने ऐसे रोबोट तैयार किए गए हैं, इस सवाल के जवाब पर कंपनी का कहना है यह एक गोपनीय मामला है, इसलिए इस पर कोई जानकारी नहीं दी जा सकती है और न ही इसकी कीमत बताई जा सकती है। कंपनी के मुताबिक, रोबोट में 4 पहिए, एक थर्मल इमेजिंग कैमरा है, यह लाइट डिटेक्शन तकनीक से लैस होने के कारण रडार की तरह काम करता है।

लोगों ने कहा, अच्छी पहल
ट्यूनिया के गृह मंत्रालय ने इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया है। इसके बारे में कुछ लोगों का कहना है कि यह अच्छी पहल है, वहीं कुछ कर रहे हैं यह काफी धीमे चलता है। यह कैसे काम कर रहा है, इससे जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए गए हैं, जिसमें दिख रहा है कि कैसे यह लॉकडाउन के दौरान निकलने वाले लोगों को रोक रहा है और सवाल-जवाब कर रहा है। 

अस्पतालों के लिए किया जाएगा तैयार
लॉकडाउन के दौरान रोबोट से एक शख्स कहता है कि वह सिगरेट खरीदना चाहता है तो रोबोट जवाब देता है, ठीक है आप इसे खरीद लें,  जल्दी करें और अपने घर जाएं। कंपनी के चीफ सेल्स ऑफिसर रेडोहेन बेन फरहत के मुताबिक, जल्द ही इसे हॉस्पिटल के लिए तैयार किया जाएगा। इसमें मौजूद सेंसर शरीर का तापमान चेक करता है। यह मरीज और मेडिकल स्टाफ के बीच सोशल डिसटेंसिंग का दायरा भी मेंटेन करेगा। 



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