• हॉन्गकॉन्ग और ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं का दावा, कुत्तों और इंसान में मिले कोरोनावायरस का जीनोम सिक्वेंस एक जैसा
  • शोधकर्ताओं के मुताबिक, संक्रमण के बाद इनके शरीर में एंटीबॉडी बनना शुरू हुईं, यह साबित करता है कि वायरस इनमें पहले से नहीं था, यह इंसानों से पहुंचा

दैनिक भास्कर

May 22, 2020, 01:23 AM IST

हॉन्गकॉन्ग के दो पालतू कुत्तों में इंसानों से कोरोनावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई लेकिन खास बात है कि उनमें वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी भी बनीं। इनमें संक्रमण इन्हीं के आसपास के लोगों से ही फैला। यह दावा हॉन्गकॉन्ग और ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने किया है।

नेचर जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, कुत्तों में एंटीबॉडी का विकसित होना यह बताता है कि वायरस उनमें पहले से कभी नहीं था। इंसानों से पहुंचे संक्रमण के बाद इसकी शुरुआत हुई।

अधिक या कम उम्र का संक्रमण से संबंध नहीं: शोधकर्ताओं के मुताबिक, दोनों ही कुत्तों में संक्रमण इनके परिजनों से फैला क्योंकि वो भी संक्रमित थे। इनमें एक कुत्ता 17 साल का पोमेरेनियन और दूसरा 2.5 साल का जर्मन शेफर्ड था। पोमेरेनियन का जीवनकाल आमतौर पर 12 से 16 साल का होता है लेकिन जिसे संक्रमण फैला उसकी उम्र 17 थी। वह हार्ट डिसीज, हायपोथायरोडिज्म, क्रॉनिक किडनी डिसीज और पल्मोनरी हायरपटेंशन से जूझ रहा था।
दोनों ही मामलों से एक बात और स्पष्ट हो रही है कि संक्रमण का उम्र से कोई खास कनेक्शन नहीं है, लेकिन पहले से चली आ रही बीमारियों से जरूर है।
स्वाब सेम्पल पॉजिटिव, मल रिपोर्ट निगेटिव: दूसरा जर्मन शेफर्ड प्रजाति का संक्रमित कुत्ता स्वस्थ था। जब उसकी नाक और मुंह से सेम्पल लिया गया तो कोरोना की पुष्टि हुई जबकि उसके मल की रिपोर्ट निगेटिव आई। दोनों ही में एंटीबॉडी का असर कोरोनावायरस पर हो रहा था। क्वारैंटाइन के दौरान दोनों में ही संक्रमण के लक्षण नहीं दिखे।
संक्रमित इंसान और जानवर में कोरोना एक जैसा: शोधकर्ताओं के मुताबिक संक्रमित इंसान और कुत्तों में मौजूद कोरोना वारयरस का जीनोम सिक्वेंस एक जैसा था। इससे इसकी पुष्टि भी होती है कि जानवर में संक्रमण इंसान के जरिए फैला है। इसके अलावा कुत्ते में रहने हुए कोरोनावायरस ने खुद को म्यूटेट (बदलाव) नहीं किया। जर्मन शेफर्ड के साथ उसी घर में एक और कुत्ता था जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई।
क्वारैंटाइन के बाद कुत्ते की हुई मौत: क्वारैंटाइन से रिलीज होने के बाद बुजुर्ग पोमेरेनियन की कुछ दिनों बाद मौत हो गई। शोधकर्ताओं का कहना है कि वह कई तरह की बीमारियों से जूझ रहा था, यह मौत का कारण हो सकता है। इसकी पूरी जानकारी नहीं सामने आ पाई क्योंकि कुत्ते के मालिक ने उसकी ऑटोप्सी कराने से इंकार कर दिया था।
न्यूयॉर्क में भी जानवरों में फैला था कोरोना: शोधकर्ताओं के मुताबिक, एक बात साफ है कि कोरोना का संक्रमण इंसानों के अलावा पालतू जानवरों में भी हो रहा है। हाल ही में न्यूयॉर्क के चिड़ियाघर में भी कई नर-मादा चीता और शेर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, इनमें संक्रमण वायरस से संक्रमित बिना लक्षण वाले एक कर्मचारी से फैला था।



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