• विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, गर्म तापमान वाले देशों में भी कोरोनावायरस के मामले मिले हैं

दैनिक भास्कर

Apr 13, 2020, 11:01 AM IST

हेल्थ डेस्क. क्या धूप में खड़े होने पर कोरोनावायरस से बचाव होता है या बिना खांसे 10 सेकंड तक सांस रोकना बताता है कि आपको संक्रमण नहीं हो सकता है… ऐसी कई भ्रमित करने वाली पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसका जवाब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दिया है। 

भ्रम : धूप में खड़े होने या तापमान 25 डिग्री से अधिक होने पर कोरोनावायरस खत्म हो जाता है।
डब्ल्यूएचओ : अधिक ठंडा वातावरण और गर्म तापमान से वायरस के खत्म होने की बात सच नहीं है। अधिक तापमान वाले देशों में भी कोरोना के मामले मिले हैं, इसलिए धूप में खड़े होने से वायरस नहीं मरेगा। बाहरी वातावरण या तापमान के बजाय शरीर का सामान्य तापमान 36.5°C से 37°C होता है। कोरोना से बचने का सबसे बढ़िया तरीका अपने हाथों को धोते रहना है। बेहतर होगा, बार-बार हाथ साबुन से धोते रहें और मुंह, नाक व आंख को न छुएं।

भ्रम : 10 सेकंड तक सांस रोकें, अगर कोई दिक्कत नहीं होती है तो कोरोना का संक्रमण नहीं हो सकता।
डब्ल्यूएचओ :
यह एक तरह की ब्रीदिंग एक्सरसाइज है, कोरोना से बचाव की गारंटी नहीं। ऐसा मानना खतरनाक साबित हो सकता है। कोरोना संक्रमण के आम लक्षण हैं, सूखी खांसी, अधिक थकावट और बुखार। कुछ लोगों में निमोनिया के लक्षण भी दिखते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि लक्षण दिखने पर कोरोना की जांच कराएं। 

भ्रम : अल्कोहल लेने से कोरोनावायरस खत्म हो जाता है?
डब्ल्यूएचओ :
अल्कोहल पीने पर कोरोनावायरस से बचाव नहीं होता बल्कि ये आपको नुकसान पहुंचा सकता है। मेथेनॉल, एथेनॉल और ब्लीच पीने से भी कोरोना का संक्रमण नहीं रोका जा सकता है। ये इंसान के अंदरूनी अंगों को बहुत नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई बार इनका इस्तेमाल फर्श पर कीटाणुओं को मारने के लिए होता है लेकिन कोरोना से बचने के लिए खुद को स्वच्छ रखें।

भ्रम : गर्म पानी में स्नान (हॉट बाथ) करने से कोरोनावायरस खत्म हो जाता है।
डब्ल्यूएचओ :
ये बात पूरी तरह से गलत है। अधिक गर्म पानी से नहाने पर शरीर को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए ऐसा न करें। बाहरी वातावरण या तापमान के बजाय शरीर का सामान्य तापमान 36.5°C से 37°C होता है फिर भी कोरोना का संक्रमण होता है। इसलिए बार-बार हाथ धोते रहें। 

भ्रम: मच्छरों से भी कोरोनावायरस फैल सकता है।
डब्ल्यूएचओ :
अब तक ऐसी कोई रिसर्च या प्रमाण नहीं मिले हैं जिससे ये साबित हो सके कि मच्छर से कोरोनावायरस फैल सकता है। नया कोरोनावायरस संक्रमित इंसान के छींकने या खांसने के दौरान निकली लार की बूंदों से फैल सकता है। बेहतर होगा ऐसे लोगों से दूरी बनाएं, मास्क का प्रयोग कर, बार-बार हाथ धोएं।





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