• घर से काम करने वाली टीम को एक साथ 15 चैट चैनल्स पर नजर रखनी होती है, लेकिन वैज्ञानिकों के हौसले में कमी नहीं
  • मार्स रोवर घर से ऑपरेट किए जाने के बावजूद पहले की तरह आंकड़े और तस्वीरें इकठ्ठा करके डाटा सेंटर को भेज रहा है

दैनिक भास्कर

Apr 17, 2020, 06:07 AM IST

वॉशिंगटन. अगर आपको घर से काम करना कठिन लगता है, तो अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के वैज्ञानिक आपके लिए मिसाल बन सकते हैं। वे मंगल ग्रह की जानकारी जुटाने वाले 18,750 करोड़ रुपए से ज्यादा की कीमत वाले ‘क्यूरोसिटी मार्स रोवर‘ को अपने घर से चला रहे हैं। इससे मार्स रोवर के काम में कोई रुकावट नहीं आई है और वह अब भी मंगल ग्रह से जुड़े आंकड़े और तस्वीरें इकट्‌ठा कर रहा है। हालांकि टीम को थोड़ी मुश्किल हो रही है क्योंकि सभी को एक साथ 15 चैट चैनल्स पर भी नजर रखनी पड़ती है। लेकिन, फिर भी अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए वे घर से ही काम करना पसंद कर रहे हैं।
ट्रेंड: वर्क फ्रॉम होम की नौकरी तलाशने वाले 60% तक बढ़े

जॉब पोर्टल मॉन्स्टर के मुताबिक, वर्क फ्रॉम होम जॉब्स तलाशने वालों की संख्या में पिछले कुछ समय में 60% तक का इजाफा हुआ है। वहीं गूगल ट्रेंड्स भी बताता है कि लॉकडाउन के दौरान वर्क फ्रॉम होम से जुड़ी सर्च में इजाफा हुआ है। जनवरी की तुलना में इसे मार्च में 82% तक ज्यादा सर्च किया गया। रिसर्च फर्म गार्टनर के मुताबिक, दुनिया में 2030 तक घर से काम करना 30% बढ़ जाएगा, क्योंकि जनरेशन-जेड वर्कफोर्स में आ जाएगी।

64% पेशेवर मानते हैं कि वे कहीं से भी काम कर सकते हैं

आज के 64 फीसदी पेशेवर मानते हैं कि वे कहीं से काम कर सकते हैं। गार्टनर के ही कंपनियों के सीएफओज के सर्वे में सामने आया कि 74 फीसदी अधिकारी मानते हैं कि उनकी कंपनी में कुछ कर्मचारी महामारी के खत्म होने के बाद भी वर्क फ्रॉम होम जारी रखेंगे।

आईटी सेक्टर वर्क फ्रॉम होम पर फोकस बढ़ा सकती हैं

मनीकंट्रोल को दिए गए एक इंटरव्यू में इंफोसिस के को-फाउंडर और एक्जीलर वेंचर्स के चेयरमैन गोपालकृष्णन ने कहा, ‘आईटी सेक्टर की कंपनियां कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम पर फोकस बढ़ा सकती है। हो सकता है कि आने वाले समय में आईटी सेक्टर में 20% स्टाफ वर्क फ्रॉम होम हो।’

भविष्य: यह ट्रेंड सिर्फ आईटी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एचसीएल जैसी कई आईटी कंपनियां 20 अप्रैल के बाद 15 से 20% स्टाफ को ही ऑफिस बुलाएंगी, जबकि सरकार ने 50% तक की अनुमति दी है। कई सर्वे बताते हैं कि ग्लोबल वर्कफोर्स अब स्थायी तौर पर घर से काम करने को तैयार है। यह ट्रेंड सिर्फ आईटी कंपनियों तक ही सीमित नहीं है। कई ब्रोकिंग कंपनियां कुछ डिपार्टमेंट्स को अब तीन से चार दिन घर से काम करने की अनुमति देने के बारे में विचार कर रही हैं।



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